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जाम से मु क् त दिलाएगा मंगलौर बाईपा
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:16 AM IST
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मंगलौर। मुंडलाना समेत करीब एक दर्जन से अधिक गांवों की हजारों की आबादी को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मंगलौर बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। छह किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण के लिए 11 करोड़ 88 लाख रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेज दी गई है।
नगर से सटे टांडा भनेड़ा गांव से लेकर मुंडलाना, सिकंदरपुर, घोसीपुरा, आमखेड़ी आदि गांवों की हजारों की आबादी रुड़की, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर आदि जाने के लिए नगर के बीचोंबीच घनी आबादी व बाजार से होकर गुजरती है। जिसके चलते चौपहिया वाहनों से आने वाले लोगों को जाम से दो चार होना पड़ता है। ग्रामीणों को इस मुसीबत से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मंगलौर बाईपास बनाने की तैयारी की है। यह बाईपास छह किलोमीटर लंबा होगा। इसका एक हिस्सा टांडा भनेड़ा की ईदगाह के पास होगा। दूसरा हिस्सा एनएच-58 पर बिझौली गांव के पास रहेगा। इसके निर्माण पर 11 करोड़ 88 लाख रुपये खर्च आने की उम्मीद है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सतवीर सिंह यादव का कहना है कि विभाग की ओर से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेज दी है। बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
इनसेट
रद्दी रजवाहे की भूमि का होगा उपयोग
दशकों पहले सिंचाई विभाग की ओर से बिझौली नाले का निर्माण किया गया था। यह रजवाह बिझौली, पीरपुरा, भगवानपुर होते हुए लंढौरा मार्ग पार कर हरजौली जट गांव तक पहुंचा था, लेकिन तकनीकी खामी के चलते रजवाहे में पानी टेल तक नहीं पहुंच पाया था। तब से इसे रद्दी या टूटे रजवाहे के नाम से जाना जा रहा है। इसकी भूमि को किसानों ने अपने खेतों में मिला लिया है। अब लोक निर्माण विभाग इसी भूमि को कब्जा मुक्त कराकर बाईपास का निर्माण करेगा। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता इकराम का कहना है कि भूमि को चिह्नित कर लिया है।
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इनसेट
ये रहेगा बाईपास का रूट
मंगलौर बाईपास एनएच-58 पर बिझौली से पीरपुरा, भगवानपुर चंदनपुर, लंढौरा मार्ग को क्रॉस कर सीक्खर वाले मार्ग से होता हुआ टांडा भनेड़ा की ईदगाह तक पहुंचेगा। मुंडलाना, आमखेड़ी आदि गांवों के लोग सीक्खर मार्ग से यहां पहुंचकर बाईपास मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।
इनसेट
इन गावों के लोगों को होगा लाभ
-बिझौली, पीरपुरा, भगवानपुर चंदनपुर, टांडा भनेड़ा, अकबरपुर ढांढेकी, नगला चीना, हरजौली जट, आमखेड़ी, मुंडलाना, सीक्खर, सिकंदरपर मवाल, घोसीपुरा आदि।
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नगर से सटे टांडा भनेड़ा गांव से लेकर मुंडलाना, सिकंदरपुर, घोसीपुरा, आमखेड़ी आदि गांवों की हजारों की आबादी रुड़की, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर आदि जाने के लिए नगर के बीचोंबीच घनी आबादी व बाजार से होकर गुजरती है। जिसके चलते चौपहिया वाहनों से आने वाले लोगों को जाम से दो चार होना पड़ता है। ग्रामीणों को इस मुसीबत से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मंगलौर बाईपास बनाने की तैयारी की है। यह बाईपास छह किलोमीटर लंबा होगा। इसका एक हिस्सा टांडा भनेड़ा की ईदगाह के पास होगा। दूसरा हिस्सा एनएच-58 पर बिझौली गांव के पास रहेगा। इसके निर्माण पर 11 करोड़ 88 लाख रुपये खर्च आने की उम्मीद है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सतवीर सिंह यादव का कहना है कि विभाग की ओर से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेज दी है। बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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रद्दी रजवाहे की भूमि का होगा उपयोग
दशकों पहले सिंचाई विभाग की ओर से बिझौली नाले का निर्माण किया गया था। यह रजवाह बिझौली, पीरपुरा, भगवानपुर होते हुए लंढौरा मार्ग पार कर हरजौली जट गांव तक पहुंचा था, लेकिन तकनीकी खामी के चलते रजवाहे में पानी टेल तक नहीं पहुंच पाया था। तब से इसे रद्दी या टूटे रजवाहे के नाम से जाना जा रहा है। इसकी भूमि को किसानों ने अपने खेतों में मिला लिया है। अब लोक निर्माण विभाग इसी भूमि को कब्जा मुक्त कराकर बाईपास का निर्माण करेगा। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता इकराम का कहना है कि भूमि को चिह्नित कर लिया है।
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ये रहेगा बाईपास का रूट
मंगलौर बाईपास एनएच-58 पर बिझौली से पीरपुरा, भगवानपुर चंदनपुर, लंढौरा मार्ग को क्रॉस कर सीक्खर वाले मार्ग से होता हुआ टांडा भनेड़ा की ईदगाह तक पहुंचेगा। मुंडलाना, आमखेड़ी आदि गांवों के लोग सीक्खर मार्ग से यहां पहुंचकर बाईपास मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।
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इन गावों के लोगों को होगा लाभ
-बिझौली, पीरपुरा, भगवानपुर चंदनपुर, टांडा भनेड़ा, अकबरपुर ढांढेकी, नगला चीना, हरजौली जट, आमखेड़ी, मुंडलाना, सीक्खर, सिकंदरपर मवाल, घोसीपुरा आदि।