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पेट्रोलियम विवि से अब बनेंगे डॉक्टर, डेंटिस्ट भी
Updated Tue, 13 Mar 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय (यूपीईएस) अब पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अलावा एमबीबीएस, बीडीएस जैसे कोर्स भी कराएगा। सरकार ने पेट्रोलियम विवि को इसकी अनुमति दे दी है। इसके साथ ही यूपीईएस अब अलग जगहों पर महाविद्यालय भी चला सकेगा। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय अधिनियम 2003 में संशोधन कर दिया गया है।
पेट्रोलियम विवि की स्थापना वर्ष 2003 में पारित अधिनियम से ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न विषयों के शिक्षण के लिए हुई थी। यहां वर्तमान में प्रबंधन, विधि के अलावा मुख्यतौर पर पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के कोर्स संचालित हो रहे हैं। लंबे समय से विवि का दायरा बढ़ाने की मांग चल रही थी। सरकार ने इसकी अनुमति दे दी है। अधिनियम में संशोधन के बाद अब यूपीईएस अलग-अलग जगहों पर महाविद्यालय खोल सकेगा। इसके तहत यूपीईएस में एमबीबीएस, बीडीएस, एमएसडब्ल्यू, एनवायरमेंटल साइंस, औपचारिक विज्ञान जैसे तमाम कोर्स संचालित होंगे। इससे प्रदेश में एक और मेडिकल कॉलेज, एक डेंटल कॉलेज की राह आसान हो गई है। भविष्य में इन सभी विषयों में यूजी और पीजी के कोर्स संचालित होंगे।
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पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय (यूपीईएस) अब पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अलावा एमबीबीएस, बीडीएस जैसे कोर्स भी कराएगा। सरकार ने पेट्रोलियम विवि को इसकी अनुमति दे दी है। इसके साथ ही यूपीईएस अब अलग जगहों पर महाविद्यालय भी चला सकेगा। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय अधिनियम 2003 में संशोधन कर दिया गया है।
पेट्रोलियम विवि की स्थापना वर्ष 2003 में पारित अधिनियम से ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न विषयों के शिक्षण के लिए हुई थी। यहां वर्तमान में प्रबंधन, विधि के अलावा मुख्यतौर पर पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के कोर्स संचालित हो रहे हैं। लंबे समय से विवि का दायरा बढ़ाने की मांग चल रही थी। सरकार ने इसकी अनुमति दे दी है। अधिनियम में संशोधन के बाद अब यूपीईएस अलग-अलग जगहों पर महाविद्यालय खोल सकेगा। इसके तहत यूपीईएस में एमबीबीएस, बीडीएस, एमएसडब्ल्यू, एनवायरमेंटल साइंस, औपचारिक विज्ञान जैसे तमाम कोर्स संचालित होंगे। इससे प्रदेश में एक और मेडिकल कॉलेज, एक डेंटल कॉलेज की राह आसान हो गई है। भविष्य में इन सभी विषयों में यूजी और पीजी के कोर्स संचालित होंगे।
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