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भागवत कथा के चौथे दिन श्री कृष् ण के जन्मका वर्णन किया
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:45 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रेमनगर स्थित सिद्धपीठ श्री सनातन धर्म मंदिर में चल रही भागवत कथा में बुधवार को कथा वाचक मनोज शास्त्री ने श्रीकृष्ण अवतार का वर्णन किया। इस दौरान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की सुंदर झांकी भी सजाई गई। चौथे दिन के प्रसंग में समुद्र मंथन, रामावतार, कृष्णावतार के बारे में बताया। कथा वाचक मनोज शास्त्री ने बताया कि जीव जब परमात्मा का भजन और स्मरण करता है तो उसके सारे बंधन खुल जाते हैं। वासुदेव ने जब भगवान को याद किया तो उनकी बेड़ियां भी खुल गईं और भगवान को गोकुल छोड़कर आए तो पुन: हथकड़ी और बेड़ियों में बंध गए। इसी प्रकार जीव जब परमात्मा की ओर बढ़ता है तो उसके सारे बंधन खुल जाते हैं और जब उनसे दूर होता है तो पुन: माया उसे जकड़ लेती है। इस मौके पर मंदिर के प्रधान सुभाष माकिन, अवतार किशन, नरेंद्र खत्री, रवि भाटिया, अर्जन कोहली, यशपाल, बाबी भाटिया, सगीता आदि उपस्थित रहे।
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प्रेमनगर स्थित सिद्धपीठ श्री सनातन धर्म मंदिर में चल रही भागवत कथा में बुधवार को कथा वाचक मनोज शास्त्री ने श्रीकृष्ण अवतार का वर्णन किया। इस दौरान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की सुंदर झांकी भी सजाई गई। चौथे दिन के प्रसंग में समुद्र मंथन, रामावतार, कृष्णावतार के बारे में बताया। कथा वाचक मनोज शास्त्री ने बताया कि जीव जब परमात्मा का भजन और स्मरण करता है तो उसके सारे बंधन खुल जाते हैं। वासुदेव ने जब भगवान को याद किया तो उनकी बेड़ियां भी खुल गईं और भगवान को गोकुल छोड़कर आए तो पुन: हथकड़ी और बेड़ियों में बंध गए। इसी प्रकार जीव जब परमात्मा की ओर बढ़ता है तो उसके सारे बंधन खुल जाते हैं और जब उनसे दूर होता है तो पुन: माया उसे जकड़ लेती है। इस मौके पर मंदिर के प्रधान सुभाष माकिन, अवतार किशन, नरेंद्र खत्री, रवि भाटिया, अर्जन कोहली, यशपाल, बाबी भाटिया, सगीता आदि उपस्थित रहे।