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-खराब एलईडी बल्ब बदलवाने को भटक रहे उपभोक्ता
Updated Tue, 26 Dec 2017 01:41 AM IST
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खराब एलईडी बल्ब बदलवाने को भटक रहे उपभोक्ता
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बिजली की बचत करने के लिए घरों में एलईडी बल्ब एवं एलईडी उपकरणों को बढ़ावा देने की उत्तराखंड सरकार की योजना शुरू होने के साथ ही लड़खड़ाने लगी है। मोहनपुर समेत कई बिजलीघरों से उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब बेचने के बाद काउंटर बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में उपभोक्ता खराब बल्ब बदलने पोस्ट ऑफिस और अन्य दूसरे बिजलीघरों में पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां आनाकानी के बाद लौटाया जा रहा है।
बिजली की बचत के लिए उत्तराखंड सरकार ने एलईडी बल्ब और एलईडी उपकरणों के इस्तेमाल को जोर दे रही है। इसके तहत सरकारी विभागों में ट्यूबलाइट और सोडियम लाइटों की जगह एलईडी बल्ब की अनिवार्यता कर दी गई है। इसके अलावा आम उपभोक्ताओं तक एलईडी बल्ब और एलईडी उपकरणों की उपलब्धता कराने के लिए बिजलीघरों और डाकघरों में बिक्री काउंटर खोले गए। महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद से गांवों में एलईडी बल्ब पहुंचाए जा रहे हैं। देहरादून क्षेत्र में 21 बिजलीघर हैं। इनमें ऊर्जा निगम मुख्यालय से अनुबंधित संस्था ने काउंटर लगाकर एलईडी बल्ब और एलईडी उपकरणों की बिक्री की थी। एक साल के भीतर एलईडी बल्ब और उपकरण खराब होने की दशा में बदलने की सुविधा दी गई थी, लेकिन बिक्री के बाद मोहनपुर समेत कई बिजलीघरों में काउंटर बंद हो चुके हैं।
बड़ोवाला गांव के उपभोक्ता राजेंद्र कुमार के मुताबिक सात वाट के एलईडी बल्ब 90 रुपये के हिसाब से खरीदे थे। गारंटी सीमा में दो बल्ब खराब हो गए हैं। जिन्हें बदलवाने के लिए संबंधित बिजलीघर गए तो वहां काउंटर बंद है।
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श्यामपुर गांव निवासी राखी के मुताबिक बिजलीघर के अफसर बल्ब बदलवाने पोस्ट ऑफिस भेज रहे हैं, लेकिन वहां आनाकानी की जा रही है। पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी ‘जहां से खरीदा था वहीं बदलवाओ’ बोल रहे हैं। पितंबरपुर गांव निवासी एसएस रावत और ठाकुरपुर के राम बहादुर के मुताबिक बिजलीघर के काउंटर से एलईडी बल्ब खरीदे थे। अब कई बल्ब खराब हो गए हैं। जिन्हें बदलवाने के लिए कई चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
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-ऊर्जा निगम मुख्यालय से अनुबंध होने के बाद निजी एजेंसी ने काउंटर लगाकर एलईडी बल्ब और एलईडी उपकरण बेचे थे। उस दौरान लगभग सभी बिजलीघरों में काउंटर खोले गए थे। जिन काउंटर पर बिक्री का ग्राफ कम हो गया था वहां के काउंटर बंद हो गए हैं। उपभोक्ता खराब एलईडी बल्ब दूसरे बिजलीघरों और पोस्ट ऑफिस से बदल सकते हैं।
-शैलेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता, शहरी क्षेत्र
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बिजली की बचत करने के लिए घरों में एलईडी बल्ब एवं एलईडी उपकरणों को बढ़ावा देने की उत्तराखंड सरकार की योजना शुरू होने के साथ ही लड़खड़ाने लगी है। मोहनपुर समेत कई बिजलीघरों से उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब बेचने के बाद काउंटर बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में उपभोक्ता खराब बल्ब बदलने पोस्ट ऑफिस और अन्य दूसरे बिजलीघरों में पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां आनाकानी के बाद लौटाया जा रहा है।
बिजली की बचत के लिए उत्तराखंड सरकार ने एलईडी बल्ब और एलईडी उपकरणों के इस्तेमाल को जोर दे रही है। इसके तहत सरकारी विभागों में ट्यूबलाइट और सोडियम लाइटों की जगह एलईडी बल्ब की अनिवार्यता कर दी गई है। इसके अलावा आम उपभोक्ताओं तक एलईडी बल्ब और एलईडी उपकरणों की उपलब्धता कराने के लिए बिजलीघरों और डाकघरों में बिक्री काउंटर खोले गए। महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद से गांवों में एलईडी बल्ब पहुंचाए जा रहे हैं। देहरादून क्षेत्र में 21 बिजलीघर हैं। इनमें ऊर्जा निगम मुख्यालय से अनुबंधित संस्था ने काउंटर लगाकर एलईडी बल्ब और एलईडी उपकरणों की बिक्री की थी। एक साल के भीतर एलईडी बल्ब और उपकरण खराब होने की दशा में बदलने की सुविधा दी गई थी, लेकिन बिक्री के बाद मोहनपुर समेत कई बिजलीघरों में काउंटर बंद हो चुके हैं।
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बड़ोवाला गांव के उपभोक्ता राजेंद्र कुमार के मुताबिक सात वाट के एलईडी बल्ब 90 रुपये के हिसाब से खरीदे थे। गारंटी सीमा में दो बल्ब खराब हो गए हैं। जिन्हें बदलवाने के लिए संबंधित बिजलीघर गए तो वहां काउंटर बंद है।
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श्यामपुर गांव निवासी राखी के मुताबिक बिजलीघर के अफसर बल्ब बदलवाने पोस्ट ऑफिस भेज रहे हैं, लेकिन वहां आनाकानी की जा रही है। पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी ‘जहां से खरीदा था वहीं बदलवाओ’ बोल रहे हैं। पितंबरपुर गांव निवासी एसएस रावत और ठाकुरपुर के राम बहादुर के मुताबिक बिजलीघर के काउंटर से एलईडी बल्ब खरीदे थे। अब कई बल्ब खराब हो गए हैं। जिन्हें बदलवाने के लिए कई चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
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-ऊर्जा निगम मुख्यालय से अनुबंध होने के बाद निजी एजेंसी ने काउंटर लगाकर एलईडी बल्ब और एलईडी उपकरण बेचे थे। उस दौरान लगभग सभी बिजलीघरों में काउंटर खोले गए थे। जिन काउंटर पर बिक्री का ग्राफ कम हो गया था वहां के काउंटर बंद हो गए हैं। उपभोक्ता खराब एलईडी बल्ब दूसरे बिजलीघरों और पोस्ट ऑफिस से बदल सकते हैं।
-शैलेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता, शहरी क्षेत्र