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Dehradun: नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे 3.75 लाख रुपये, शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार में कर्मचारी है आरोपी
Tue, 11 Feb 2025 06:47 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 11 Feb 2025 06:47 PM IST
सार
कैंट इंस्पेक्टर कैलाश चंद भट्ट ने बताया कि यमुना कॉलोनी के रहने वाले जसपाल सिंह की शिकायत पर स्यूणी, गैरसैण, चमोली के रहने वाले वीरेंद्र सिंह बिष्ट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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नाैकरी के नाम पर ठगी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक युवक ने अपने रिश्तेदार पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है। आरोपी आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय दिल्ली में कर्मचारी बताया जा रहा है। आरोप है कि उसने युवक से 1.40 लाख रुपये और एक अन्य से 2.35 लाख रुपये ठगे हैं। अब पैसे लौटाने से इन्कार कर रहा है।
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कैंट इंस्पेक्टर कैलाश चंद भट्ट ने बताया कि यमुना कॉलोनी के रहने वाले जसपाल सिंह की शिकायत पर स्यूणी, गैरसैण, चमोली के रहने वाले वीरेंद्र सिंह बिष्ट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। विरेंद्र सिंह और जसपाल आपस में रिश्तेदार हैं। जसपाल ने पुलिस को बताया कि वह चार साल पहले उपनल के माध्यम से नौकरी करते थे। वीरेंद्र सिंह आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार में कर्मचारी है। उस वक्त वीरेंद्र सिंह ने बताया था कि वह मंत्रालय में एक सचिव के अधीन काम करता है।
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वह उसकी नौकरी लगवा सकता है। कई विभागों में वीरेंद्र सिंह ने रिक्तियां बताईं। इसके बाद जसपाल से 1.40 लाख रुपये ले लिए, लेकिन नौकरी की बात पर लगातार उन्हें टालता आ रहा है। इस बीच पता चला कि वीरेंद्र सिंह ने पहले भी चमोली के गैरसैण के रहने वाले मोहन सिंह से भी 2.35 लाख रुपये लिए हैं। मगर उसकी भी नौकरी नहीं लगवाई। वीरेंद्र सिंह उसे भी नौकरी के नाम पर टाल रहा है। कभी कहता है कि पैसे खर्च हो गए कभी कोई और बहाना बना रहा है। इस तरह उसने दोनों से यह रकम ठग ली।