{"_id":"5cdf1123bdec22076c4ed26b","slug":"31558122787-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने, प्रदेश में समान शिक्षा लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को उत्तराखंड महिला मंच ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके लिए उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा, जिस पर डीएम ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मंच की जिला संयोजिका निर्मला बिष्ट के नेतृत्व में महिलाएं डीएम कार्यालय पहुंची। यहां प्रदर्शन के बाद वीडियो कान्फ्रेंसिंग कमरे के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान निर्मला बिष्ट ने कहा कि सरकारी स्कूल आज बदहाली की कगार पर हैं। सरकार तीन हजार से अधिक स्कूलों को बंद करना चाहती है। राज्य गठन के बाद से सरकार का सरकारी स्कूलों के प्रति रवैया ठीक नहीं है। जबकि, निजी स्कूलों की मनमानी बरकरार है। सालाना फीस में लगातार वृद्धि की जा रही है। जबकि इसका निर्धारण सरकार की ओर से किया जाना चाहिए था। सुविधाओं के नाम पर लिए जाने वाले शुल्क भी बंद होने चाहिए। सरकार को प्रत्येक जिले में कमेटी बनानी चाहिए जो समय-समय पर इन स्कूलों की जांच करे। शिक्षकों की भर्ती पात्रता के आधार पर होनी चाहिए। कहा कि स्कूलों में तीन महीने की बजाय हर महीने फीस जमा होनी चाहिए। उन्होंने मामले में कोई कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस पर जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। मौके पर शकुंतला, पदमा गुप्ता, विजय नैथानी, शांता देवी, उषा भट्ट, विमला थपलियाल, अनिता रावत, कमलेश देवी, दीपा रावत आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
देहरादून। निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने, प्रदेश में समान शिक्षा लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को उत्तराखंड महिला मंच ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसके लिए उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा, जिस पर डीएम ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मंच की जिला संयोजिका निर्मला बिष्ट के नेतृत्व में महिलाएं डीएम कार्यालय पहुंची। यहां प्रदर्शन के बाद वीडियो कान्फ्रेंसिंग कमरे के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान निर्मला बिष्ट ने कहा कि सरकारी स्कूल आज बदहाली की कगार पर हैं। सरकार तीन हजार से अधिक स्कूलों को बंद करना चाहती है। राज्य गठन के बाद से सरकार का सरकारी स्कूलों के प्रति रवैया ठीक नहीं है। जबकि, निजी स्कूलों की मनमानी बरकरार है। सालाना फीस में लगातार वृद्धि की जा रही है। जबकि इसका निर्धारण सरकार की ओर से किया जाना चाहिए था। सुविधाओं के नाम पर लिए जाने वाले शुल्क भी बंद होने चाहिए। सरकार को प्रत्येक जिले में कमेटी बनानी चाहिए जो समय-समय पर इन स्कूलों की जांच करे। शिक्षकों की भर्ती पात्रता के आधार पर होनी चाहिए। कहा कि स्कूलों में तीन महीने की बजाय हर महीने फीस जमा होनी चाहिए। उन्होंने मामले में कोई कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस पर जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। मौके पर शकुंतला, पदमा गुप्ता, विजय नैथानी, शांता देवी, उषा भट्ट, विमला थपलियाल, अनिता रावत, कमलेश देवी, दीपा रावत आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन