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नर्सिंगहोम संचालकों, डॉक्टरों की प्रस्तावित तालाबंदी टली
Updated Wed, 12 Sep 2018 02:05 AM IST
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नर्सिंगहोम संचालकों, डॉक्टरों की प्रस्तावित तालाबंदी टली
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मुद्दे पर मुख्यमंत्री त्रिवेेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह और सचिव स्वास्थ्य नीतेश झा के साथ वार्ता के बाद अस्पताल संचालकों और डॉक्टरों ने अस्पतालों में 15 सितंबर से प्रस्तावित तालाबंदी को फिलहाल टाल दिया है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. डीडी चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री और शासन के आला अफसरों के साथ वार्ता में मरीजों की परेशानियों को देखते हुए प्रस्तावित तालाबंदी को फिलहाल टाल दिया गया है। सीएम के निर्देश पर आईएमए द्वारा गठित कमेटी एक सप्ताह में ‘क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ से जुड़े तमाम पहलुओं का अध्ययन करने के बाद नया ड्राफ्ट तैयार करेगी। जिसे सरकार को सौंपा जाएगा। चौधरी का कहना है कि एक्ट में जो प्रावधान किए गए हैं उन्हें स्वीकार नहीं किया सकता है।
उल्लेखनीय है कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में प्रदेश भर के अस्पताल संचालकों व डॉक्टरों ने आंदोलन का एलान कर दिया था। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे सोमवार से अस्पतालों में भर्ती मरीजों को छुट्टी देने के साथ ही 15 सितंबर को प्रदेश भर के अस्पतालों में खुद ही तालाबंदी कर व्यवस्था ठप कर देंगे। जिसे मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया है।
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कोट्स...
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य विभाग के सचिव के आश्वासन के बाद फिलहाल प्रस्तावित तालाबंदी को टाल दिया गया है। नए ड्राफ्ट को लेकर कमेटी का गठन कर दिया गया है जो एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेंगी, उसे सरकार को सौंपा जाएगा। सरकार के सकारात्मक रवैये को देखते हुए प्रस्तावित तालाबंदी को टालने का निर्णय लिया गया है।
- डॉ. डीडी चौधरी, प्रदेश सचिव आईएमए
मरीजों को समस्याओं को देखते हुए डॉक्टरों और आईएमए पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रकरण को सुलझा लिया गया है। आईएमए पदाधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव मांगा गया है। जिसका अध्ययन करने के साथ ही अंतिम निर्णय लिया गया है। डॉक्टराें ने प्रस्तावित तालाबंदी को टाल दिया है जो अच्छी पहल है।
- नितेश झा, सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मुद्दे पर मुख्यमंत्री त्रिवेेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह और सचिव स्वास्थ्य नीतेश झा के साथ वार्ता के बाद अस्पताल संचालकों और डॉक्टरों ने अस्पतालों में 15 सितंबर से प्रस्तावित तालाबंदी को फिलहाल टाल दिया है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. डीडी चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री और शासन के आला अफसरों के साथ वार्ता में मरीजों की परेशानियों को देखते हुए प्रस्तावित तालाबंदी को फिलहाल टाल दिया गया है। सीएम के निर्देश पर आईएमए द्वारा गठित कमेटी एक सप्ताह में ‘क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ से जुड़े तमाम पहलुओं का अध्ययन करने के बाद नया ड्राफ्ट तैयार करेगी। जिसे सरकार को सौंपा जाएगा। चौधरी का कहना है कि एक्ट में जो प्रावधान किए गए हैं उन्हें स्वीकार नहीं किया सकता है।
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उल्लेखनीय है कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में प्रदेश भर के अस्पताल संचालकों व डॉक्टरों ने आंदोलन का एलान कर दिया था। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे सोमवार से अस्पतालों में भर्ती मरीजों को छुट्टी देने के साथ ही 15 सितंबर को प्रदेश भर के अस्पतालों में खुद ही तालाबंदी कर व्यवस्था ठप कर देंगे। जिसे मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया है।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य विभाग के सचिव के आश्वासन के बाद फिलहाल प्रस्तावित तालाबंदी को टाल दिया गया है। नए ड्राफ्ट को लेकर कमेटी का गठन कर दिया गया है जो एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेंगी, उसे सरकार को सौंपा जाएगा। सरकार के सकारात्मक रवैये को देखते हुए प्रस्तावित तालाबंदी को टालने का निर्णय लिया गया है।
- डॉ. डीडी चौधरी, प्रदेश सचिव आईएमए
मरीजों को समस्याओं को देखते हुए डॉक्टरों और आईएमए पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रकरण को सुलझा लिया गया है। आईएमए पदाधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव मांगा गया है। जिसका अध्ययन करने के साथ ही अंतिम निर्णय लिया गया है। डॉक्टराें ने प्रस्तावित तालाबंदी को टाल दिया है जो अच्छी पहल है।
- नितेश झा, सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण