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ले. जनरल हनूत की समाधि सील करने का विरोध
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:28 AM IST
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ले. जनरल हनूत की समाधि सील करने का विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बगैर नोटिस दिए लेफ्टिनेंट जनरल हनूत सिंह राठौड़ की समाधि स्थल सील करने पर विरोध बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को बल्लभगढ़ (राजस्थान) के विधायक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिला। विधायक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम को कोई कार्रवाई करने से पहले नोटिस देकर सुनवाई के आदेश दिए थे, इसके बावजूद नगर निगम ने बगैर नोटिस दिए समाधि स्थल को सील कर दिया।
उदयपुर के बल्लभगढ़ के विधायक रणवीर सिंह भिंडर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिला। उन्होंने कहा कि ले. जनरल हनूत सिंह ने 1965 और 1971 के युद्ध में पाक के 48 टैंक नष्ट किए थे। जिस पर उन्हें महावीर चक्र दिया गया था। सेवानिवृत्त होने के बाद वह मसूरी डायवर्जन स्थित शिव बाला योगी आश्रम आकर रहने लगे। यह बाला योगी जी ने उन्हें आवास बनाने के लिए जमीन दी थी। जिस पर वह आवास बनाकर रह रहे थे। 11 अप्रैल 2015 को मृत्यु के बाद यहां उनकी समाधि बना दी गई थी। विधायक ने कहा कि नगर निगम की टीम और पुलिस ने गत शुक्रवार को आवास में रह रहे ले. जनरल हनूत के रिश्तेदारों को जबरन बाहर निकाल दिया। कहा कि ले. जनरल हनूत ने देश की अतुलनीय सेवा की। उनकी समाधि को इस तरह सील किया जाना उनका अपमान है। उन्होंने मामले में न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान सूर्य विजय सिंह, करन सिंह, दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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कोटस ...
समाधि नगर निगम की जमीन पर बनाई गई है। बोर्ड में इसका प्रस्ताव पास हो चुका है कि इस जमीन को नगर निगम अपने कब्जे में ले। जिसके अनुपालन में निगम की टीम ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।
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- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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नगर निगम के नगर आयुक्त मुझसे मिले थे। उन्होंने जानकारी दी थी कि ले. जनरल हनूत सिंह के साथ यह समझौता हुआ था कि उनके जीवित रहते हुए भूमि उनके पास रहेगी, लेकिन जब वह पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे तो यह नगर निगम में समाहित हो जाएगी। फिर भी अधिकारियों को दोबारा स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। बगैर नोटिस दिए लेफ्टिनेंट जनरल हनूत सिंह राठौड़ की समाधि स्थल सील करने पर विरोध बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को बल्लभगढ़ (राजस्थान) के विधायक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिला। विधायक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम को कोई कार्रवाई करने से पहले नोटिस देकर सुनवाई के आदेश दिए थे, इसके बावजूद नगर निगम ने बगैर नोटिस दिए समाधि स्थल को सील कर दिया।
उदयपुर के बल्लभगढ़ के विधायक रणवीर सिंह भिंडर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिला। उन्होंने कहा कि ले. जनरल हनूत सिंह ने 1965 और 1971 के युद्ध में पाक के 48 टैंक नष्ट किए थे। जिस पर उन्हें महावीर चक्र दिया गया था। सेवानिवृत्त होने के बाद वह मसूरी डायवर्जन स्थित शिव बाला योगी आश्रम आकर रहने लगे। यह बाला योगी जी ने उन्हें आवास बनाने के लिए जमीन दी थी। जिस पर वह आवास बनाकर रह रहे थे। 11 अप्रैल 2015 को मृत्यु के बाद यहां उनकी समाधि बना दी गई थी। विधायक ने कहा कि नगर निगम की टीम और पुलिस ने गत शुक्रवार को आवास में रह रहे ले. जनरल हनूत के रिश्तेदारों को जबरन बाहर निकाल दिया। कहा कि ले. जनरल हनूत ने देश की अतुलनीय सेवा की। उनकी समाधि को इस तरह सील किया जाना उनका अपमान है। उन्होंने मामले में न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान सूर्य विजय सिंह, करन सिंह, दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।
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कोटस ...
समाधि नगर निगम की जमीन पर बनाई गई है। बोर्ड में इसका प्रस्ताव पास हो चुका है कि इस जमीन को नगर निगम अपने कब्जे में ले। जिसके अनुपालन में निगम की टीम ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।
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- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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नगर निगम के नगर आयुक्त मुझसे मिले थे। उन्होंने जानकारी दी थी कि ले. जनरल हनूत सिंह के साथ यह समझौता हुआ था कि उनके जीवित रहते हुए भूमि उनके पास रहेगी, लेकिन जब वह पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे तो यह नगर निगम में समाहित हो जाएगी। फिर भी अधिकारियों को दोबारा स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री