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निजीकरण के खिलाफ गरजे बैंक कर्मचारी
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बैंकों के निजीकरण समेत कई मुद्दों के बाबत बैंक व बीमा कर्मचारियों ने शनिवार को केनरा बैंक परिसर में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बैंक बीमा साधारण बीमा समन्वय समिति के आह्वान पर किया गया। बैंक कर्मचारियों ने चेताया है कि अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं बदला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
राजपुर रोड स्थित केनरा बैंक के कार्यालय के बाहर शनिवार को बैंक और बीमा कर्मचारी एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारी कर्मचारी केंद्र सरकार की बैंकों के निजीकरण नीति के खिलाफ आंदोलित हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा संसद में दिए गए बयान से इतर बैंकों में सरकारी भागीदारी 51 प्रतिशत से कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकारी बैंकों व बीमा क्षेत्रों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से सरकार काम करा रही है। बैंकों में एटीएम का संचालन व सुरक्षाकर्मियों की भर्ती ठेकेदारी प्रथा से की जा रही है। इसके अलावा बड़े पूंजीपतियों से ऋण वसूली के लिए कठोर कदम उठाने के बजाय बैंकिंग ऋणों को एआरसी के माध्यम से बेचा जा रहा है, जिससे बैंकों को नुकसान हो रहा है। वहीं बैंकों व बीमा क्षेत्रों को वेतन समझौते में देरी के चलते भी बैंक व बीमाकर्मियों में रोष है। प्रदर्शन में जगमोहन मेंदीरत्ता, रमेश चंद, संजय चौहान, शिव सिंह रौतेला, राजन पुंडीर, आरके गैरोला, अनिल जैन, मुरारी लाल नौटियाल, विनय कुमार शर्मा, जसबीर सिंह चौधरी, वीके जोशी, उमेश क्षेत्री, डीएन उनियाल, एमपी सिंह, मुकेश कुमार, इंदर सिंह, नवीन कुमार, बंटी कुमार आदि शामिल रहे।
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बैंकों के निजीकरण समेत कई मुद्दों के बाबत बैंक व बीमा कर्मचारियों ने शनिवार को केनरा बैंक परिसर में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बैंक बीमा साधारण बीमा समन्वय समिति के आह्वान पर किया गया। बैंक कर्मचारियों ने चेताया है कि अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं बदला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
राजपुर रोड स्थित केनरा बैंक के कार्यालय के बाहर शनिवार को बैंक और बीमा कर्मचारी एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारी कर्मचारी केंद्र सरकार की बैंकों के निजीकरण नीति के खिलाफ आंदोलित हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा संसद में दिए गए बयान से इतर बैंकों में सरकारी भागीदारी 51 प्रतिशत से कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकारी बैंकों व बीमा क्षेत्रों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से सरकार काम करा रही है। बैंकों में एटीएम का संचालन व सुरक्षाकर्मियों की भर्ती ठेकेदारी प्रथा से की जा रही है। इसके अलावा बड़े पूंजीपतियों से ऋण वसूली के लिए कठोर कदम उठाने के बजाय बैंकिंग ऋणों को एआरसी के माध्यम से बेचा जा रहा है, जिससे बैंकों को नुकसान हो रहा है। वहीं बैंकों व बीमा क्षेत्रों को वेतन समझौते में देरी के चलते भी बैंक व बीमाकर्मियों में रोष है। प्रदर्शन में जगमोहन मेंदीरत्ता, रमेश चंद, संजय चौहान, शिव सिंह रौतेला, राजन पुंडीर, आरके गैरोला, अनिल जैन, मुरारी लाल नौटियाल, विनय कुमार शर्मा, जसबीर सिंह चौधरी, वीके जोशी, उमेश क्षेत्री, डीएन उनियाल, एमपी सिंह, मुकेश कुमार, इंदर सिंह, नवीन कुमार, बंटी कुमार आदि शामिल रहे।
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