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-दून मेडिकल कॉलेज : बिना लैब हो रही एमबीबीएस की पढ़ाई
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:33 AM IST
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दून मेडिकल कॉलेज में बिना लैब हो रही एमबीबीएस की पढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के बैच के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई को लेकर कतई गंभीर नहीं है। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का बैच सितंबर में शुरू हुआ था, लेकिन कॉलेज प्रशासन अभी तक लैब (प्रयोगशाला) तैयार नहीं कर सका है। इससे एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं बिना लैब के एमबीबीएस कराने पर अभिभावकों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के अलावा कई मेडिकल कोर्स कराए जाते हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज में संसाधनों के अभाव में पढ़ाई करना छात्र-छात्राओं की मजबूरी है। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का बैच सितंबर में शुरू हुआ था, लेकिन इस बैच के छात्र बगैर लैब के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। छात्रों का कहना है कि बगैर लैब के पढ़ाई से काफी परेशानी हो रही है। लैब न होने से विषय से संबंधित कई महत्वपूर्ण टॉपिक अधूरे हैं। वहीं अभिभावकों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य के प्रति गंभीर नहीं है। अभिभावकों का आरोप है कि संसाधन न होने के बावजूद प्रवेश देना और कोर्स शुरू कराना गंभीर प्रकरण है। इसकी जांच होनी चाहिए। बहरहाल जल्द ही एमसीआई की टीम मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने वाली है। ऐसे में कुछ राहत भरी खबर है।
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लैब के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल दूसरी लैब में द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं के प्रयोग कराए जा रहे हैं। शासन से अनुमति मिलते ही लैब पर काम शुरू किया जाएगा।
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-डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के बैच के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई को लेकर कतई गंभीर नहीं है। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का बैच सितंबर में शुरू हुआ था, लेकिन कॉलेज प्रशासन अभी तक लैब (प्रयोगशाला) तैयार नहीं कर सका है। इससे एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं बिना लैब के एमबीबीएस कराने पर अभिभावकों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के अलावा कई मेडिकल कोर्स कराए जाते हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज में संसाधनों के अभाव में पढ़ाई करना छात्र-छात्राओं की मजबूरी है। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का बैच सितंबर में शुरू हुआ था, लेकिन इस बैच के छात्र बगैर लैब के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। छात्रों का कहना है कि बगैर लैब के पढ़ाई से काफी परेशानी हो रही है। लैब न होने से विषय से संबंधित कई महत्वपूर्ण टॉपिक अधूरे हैं। वहीं अभिभावकों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य के प्रति गंभीर नहीं है। अभिभावकों का आरोप है कि संसाधन न होने के बावजूद प्रवेश देना और कोर्स शुरू कराना गंभीर प्रकरण है। इसकी जांच होनी चाहिए। बहरहाल जल्द ही एमसीआई की टीम मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने वाली है। ऐसे में कुछ राहत भरी खबर है।
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लैब के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल दूसरी लैब में द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं के प्रयोग कराए जा रहे हैं। शासन से अनुमति मिलते ही लैब पर काम शुरू किया जाएगा।
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-डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज