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उत्तराखंड: पैरोल पूरी होने के बाद भी नहीं पहुंचे कई कैदी, बढ़ेगी पुलिस की सिरदर्दी

Sun, 08 Nov 2020 12:00 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Sun, 08 Nov 2020 12:00 PM IST
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Uttarakhand: Many prisoners not reach to jail again after parole completion
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

सहूलियत के लिए दी गई पैरोल को कैदियों ने अपने मतलब में खूब भुनाया। अब भी 30 कैदी छह माह की अवधि पूरी होने के बावजूद जेल नहीं लौटे हैं। ऐसे में अब इन्हें तलाशने के लिए फिर से पुलिस को ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए जेल प्रशासन ने संबंधित न्यायालयों को पत्र भेजने शुरू कर दिए हैं।

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24 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राज्य से 500 से ज्यादा कैदियों को छह माह की पैरोल पर छोड़ा गया था। लेकिन, इनमें से कई अपराधी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और उन्होंने जमकर अपराध किए। कई को पुलिस ने पकड़कर जेल भेजा तो कुछ को विभिन्न तरीकों से वापस कराया गया। अब छह माह की अवधि पूरी होने के बाद लगभग 80 कैदी या तो किसी अपराध में या फिर खुद से ही वापस जेल पहुंच चुके हैं।
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वहीं, 30 कैदियों को अब तक सरेंडर करने की फुर्सत नहीं मिली है। जेल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक इन कैदियों को वापस बुलाने के लिए अब संबंधित न्यायालयों को पत्र भेजे जा रहे हैं। इसके बाद वहां से इन्हें ढूंढने के लिए पुलिस को ही जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इनमें से कुछ सजायाफ्ता कैदी हैं तो कुछ विचाराधीन भी हैं। इनमें कुछ कैदियों को बाद में भी जमानत मिली थी।
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अनलॉक में खूब की खुराफात
लॉकडाउन के बाद अनलॉक शुरू होते ही इन कैदियों ने खूब उत्पात मचाया। देहरादून में हुई कई छोटी-बड़ी वारदातों में कई कैदियों का ही हाथ सामने आया। पटेलनगर सराफ लूट में बुलंदशहर के ऐसे ही आरोपी शामिल थे। यही नहीं कुछ कैदियों ने बाहर निकलते ही अपराध किए और फिर दोबारा जेल पहुंच गए।


लगभग 30 कैदी ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक सरेंडर नहीं किया है। जबकि, कुछ सरेंडर कर चुके हैं और कुछ को अपराध के तहत वापस जेल लाया गया है। इन कैदियों के लिए संबंधित न्यायालय को पत्र भेजे जा रहे हैं।
- महेंद्र सिंह ग्वाल, जेल अधीक्षक सुद्धोवाला जिला जेल

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