टिहरी: थौलधार के 27 गांवों को भी अब मिलेगा ओबीसी का लाभ
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उत्तराखंड की प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में शामिल थौलधार ब्लॉक के 27 गांवों को भी आखिरकार सरकार ने ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) में शामिल कर लिया। अब इन गांवों को भी फिकवाल समुदाय की भांति ओबीसी का लाभ मिलेगा।
बता दें कि राज्य सरकार ने 20 मई को प्रतापनगर क्षेत्र के फिकवाल समुदाय को ओबीसी में शामिल करने का शासनादेश जारी किया था, लेकिन तब इस विधानसभा क्षेत्र में शामिल थौलधार ब्लाक के करीब 27 गांव इससे वंचित रह गए थे।
थौलधार ब्लॉक के अधिकांश गांव धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र में भी है और इन गांवों को ओबीसी का लाभ मिल रहा था। ऐसे में अवशेष गांवों के लोगों ने विधायक विक्रम नेगी और राज्य सरकार से आरक्षण का लाभ देने की मांग की।
अमर उजाला ने चलाया था अभियान
अमर उजाला ने इस मुद्दे को 13 सितंबर 2016 को प्रमुखता से उठाया तो इसके बाद ओबीसी का लाभ दिलाए जाने की मांग को लेकर उदयपुर, जुवा पट्टी के ग्रामीणों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही विधायक नेगी ने भी छूटे हिस्से को ओबीसी का लाभ दिलाने की पैरवी की, जिस पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मामले को पिछड़ा वर्ग आयोग को भेज दिया था।
अब वंचित रहे 27 गांवों को भी ओबीसी में शामिल कर लिया गया है। आयोग ने 10 दिसंबर को जिला प्रशासन टिहरी को थौलधार ब्लॉक के लोगों को ओबीसी प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए।
इनका है कहना
ओबीसी से वंचित प्रतापनगर विधानसभा में शामिल थौलधार क्षेत्र के 27 गांवों को भी ओबीसी का लाभ देने का शासनादेश मिल चुका है। इसको संबंधित तहसीलों को भेज दिया गया है। इसके बाद थौलधार के लोगों के भी ओबीसी प्रमाण पत्र बनने शुरू हो जाएंगे।
-इंदुधर बौड़ाई, डीएम टिहरी