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ऑस्ट्रेलिया से उत्तराखंड पहुंची 240 मेरिनों भेड़, ऊन उत्पादन बढ़ाने में होंगी मददगार
Thu, 26 Dec 2019 08:02 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 26 Dec 2019 08:02 PM IST
सार
- भेड़ों के नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत किया गया आयात
- अधिक उत्पादन और उच्च गुणवत्ता की ऊन होगा प्राप्त
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड में भेड़ों की नस्ल सुधार और ऊन उत्पादन बढ़ाने के लिए 240 मेरिनों भेड़ का ऑस्ट्रेलिया से आयात किया गया है। इन्हें राजकीय भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र कोपडधार, घनसाली टिहरी में इन्हें रखा जाएगा। राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत प्रदेश को यह भेड़ें मिली हैं।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड को ऑस्ट्रेलिया मेरिनों भेड़ें प्राप्त होने से भविष्य में भेड़ पालकों को काफी फायदा होगा। पशुपालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी एवं प्रगतिशील कदम है।
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इन भेड़ों से जहां उच्च गुणवत्ता की ऊन प्राप्त होगी, वहीं मात्रा में भी वृद्धि होगी। जिससे किसानों की आर्थिक विकास में वृद्धि होगी। इन भेड़ों से प्राप्त होने वाली ऊन से विदेशी ऊन पर आत्मनिर्भरता कम होगी। देश में 95 प्रतिशत ऊन का आयात ऑस्ट्रेलियन मेरिनों का होता है।
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ऑस्ट्रेलिया से आयातित मेरिनों भेड़ से राज्य के भेडपालकों को उच्च गुणवत्ता के नर मेढ़ें उपलब्ध होगें। सचिव पशुपालन आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत तीन पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के लिए भेड़ों में नस्ल सुधार, ऊन गुणवत्ता एवं ऊन उत्पादन में सुधार के लिए भेड़ों के आयात की स्वीकृत प्राप्त हुई थी। राज्य को 40 नर व 200 मादा मेरिनों भेड़ें मिली हैं, जिनकी कीमत 8.50 करोड़ रुपये है।
भेडे़ं राजकीय भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र कोपड़धार में एक माह के रखी जा रही है। इस बीच भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से भेड़ों की जांच कराई जाएगी। रोग मुक्त पाए जाने पर ही भेड़ प्रक्षेत्र पर प्रयोग में लाई जाएगी। इस अवसर पर पशुपालन मंत्री रेखा आर्य, विधायक गोपाल सिंह रावत, ऑस्ट्रेलिया में भेड़ पालन के क्षेत्र में कार्य कर रहे मैथ्यू कांडिक्टन, बेन वाट्स, चार्ली कांडिक्टन, एलिसा वाट्स और उत्तराखंड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी अविनाश आनंद आदि उपस्थित रहे।