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बाल कल्याण समिति की चेयरमैन को हटाया
Updated Sun, 04 Nov 2018 02:05 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
गलत व्यवहार और शिकायतों के चलते बाल कल्याण समिति की चेयरमैन कविता शर्मा पर गाज गिरी है। उनके खिलाफ मिली शिकायतों की जिलाधिकारी स्तर पर जांच की गई थी। इसके बाद आरोप सही पाए जाने पर शासन ने उन्हें हटा दिया है। शासनादेश के अनुसार अग्रिम आदेशों तक सुधा देवरानी अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी।
जानकारी के अनुसार गत एक जून को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष के खिलाफ शासन को एक शिकायती पत्र मिला था। शिकायत में कविता शर्मा पर समिति की बैठकों में अनुपस्थित रहने और कार्यकर्ताओं से सामंजस्य नहीं रखने की बात कही गई थी। इसके अलावा पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। शिकायत के आधार पर बाल संरक्षण आयोग के आदेशों पर जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने जांच कराई थी। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार अध्यक्ष कविता शर्मा का व्यवहार समिति के सदस्यों के प्रति ठीक नहीं था। इसके अलावा बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर भी रवैया बेहद ढुलमुल रहा। इस रिपोर्ट के बाद किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष को अध्याय पांच के उपनियम 27 का दोषी माना गया। इसके चलते शासन ने कविता शर्मा की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। शासनादेश के अनुसार अग्रिम आदेशों तक सुधा देवरानी अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी। वहीं कविता शर्मा ने बताया कि उन्हें अभी कोई पत्र नहीं मिला है।
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गलत व्यवहार और शिकायतों के चलते बाल कल्याण समिति की चेयरमैन कविता शर्मा पर गाज गिरी है। उनके खिलाफ मिली शिकायतों की जिलाधिकारी स्तर पर जांच की गई थी। इसके बाद आरोप सही पाए जाने पर शासन ने उन्हें हटा दिया है। शासनादेश के अनुसार अग्रिम आदेशों तक सुधा देवरानी अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी।
जानकारी के अनुसार गत एक जून को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष के खिलाफ शासन को एक शिकायती पत्र मिला था। शिकायत में कविता शर्मा पर समिति की बैठकों में अनुपस्थित रहने और कार्यकर्ताओं से सामंजस्य नहीं रखने की बात कही गई थी। इसके अलावा पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। शिकायत के आधार पर बाल संरक्षण आयोग के आदेशों पर जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने जांच कराई थी। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार अध्यक्ष कविता शर्मा का व्यवहार समिति के सदस्यों के प्रति ठीक नहीं था। इसके अलावा बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर भी रवैया बेहद ढुलमुल रहा। इस रिपोर्ट के बाद किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष को अध्याय पांच के उपनियम 27 का दोषी माना गया। इसके चलते शासन ने कविता शर्मा की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। शासनादेश के अनुसार अग्रिम आदेशों तक सुधा देवरानी अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी। वहीं कविता शर्मा ने बताया कि उन्हें अभी कोई पत्र नहीं मिला है।
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