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नेचुरोपैथी में ग्रेजुएशन का दायरा बढ़ाएगा यूएयू
Updated Fri, 28 Sep 2018 02:24 AM IST
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नेचुरोपैथी में ग्रेजुएशन का दायरा बढ़ाएगा यूएयू
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय नेचुरोपैथी एंड योगा साइंस में ग्रेजुएट कोर्स का दायरा बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए विवि ने इस कोर्स की गाइडलाइन जारी कर दी हैं। अभी तक यह कोर्स केवल एक निजी कॉलेज में संचालित हो रहा था, जो कि अब बाकी कॉलेजों में भी शुरू किया जाएगा।
आयुर्वेद विवि के प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अब तीन और कॉलेजों ने इस कोर्स के लिए आवेदन किया है। अन्य कॉलेजों में भी कोर्स संचालित होने से युवाओं को लिए मौके बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज योग व प्राकृतिक चिकित्सा के फायदों के प्रति लोगों की दिलचस्पी की वजह से इससे जुड़े लोगों के लिए भी अवसरों में इजाफ ा हुआ है। आने वाले कुछ सालों में इसकी मांग बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा कि योग, विज्ञान और नेचुरोपैथी का अनूठा संगम है। इसमें करियर की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में कुछ अन्य कॉलेजों को भी कोर्स चलाने की अनुमति दी जाएगी। इस संबंध में पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। इस कोर्स की पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट से ली जा सकती है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय नेचुरोपैथी एंड योगा साइंस में ग्रेजुएट कोर्स का दायरा बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए विवि ने इस कोर्स की गाइडलाइन जारी कर दी हैं। अभी तक यह कोर्स केवल एक निजी कॉलेज में संचालित हो रहा था, जो कि अब बाकी कॉलेजों में भी शुरू किया जाएगा।
आयुर्वेद विवि के प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अब तीन और कॉलेजों ने इस कोर्स के लिए आवेदन किया है। अन्य कॉलेजों में भी कोर्स संचालित होने से युवाओं को लिए मौके बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज योग व प्राकृतिक चिकित्सा के फायदों के प्रति लोगों की दिलचस्पी की वजह से इससे जुड़े लोगों के लिए भी अवसरों में इजाफ ा हुआ है। आने वाले कुछ सालों में इसकी मांग बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा कि योग, विज्ञान और नेचुरोपैथी का अनूठा संगम है। इसमें करियर की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में कुछ अन्य कॉलेजों को भी कोर्स चलाने की अनुमति दी जाएगी। इस संबंध में पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। इस कोर्स की पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट से ली जा सकती है।
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