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अब पेंशन सत्यापन के लिए मुनादी करेगा विभाग
Updated Wed, 01 Aug 2018 02:28 AM IST
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अब पेंशन सत्यापन के लिए मुनादी करेगा विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पेंशनरों का भौतिक सत्यापन पूरा करने में समाज कल्याण विभाग के पसीने छूट रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के तमाम दावों और दो बार तिथि बढ़ने के बावजूद तीन महीने में अभी तक केवल 60 कार्य ही हो पाया है। वहीं अब विभाग गांवों मुनादी कराकर पेंशनरों का सत्यापन करेगा।
सरकार की ओर से विधवा, वृद्ध और दिव्यांगों को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। यह पेंशन तीन तीन माह में आती है। नियमानुसार इसके लिए विभाग सभी आवेदकों का भौतिक सत्यापन करता है ताकि कोई फर्जीवाड़ा न हो है।
मई से पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसके बाद सत्यापन के लिए तहसील परिसर में पेंशनरों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। उस दौरान सत्यापन के लिए पहुंच रहे लोगों को तमाम फजीहतें झेलनी पड़ रही थीं। तक यह मामला अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद संबंधित अधिकारी ने घोषणा की थी कि सभी आवेदनों का सत्यापन घर घर जाकर किया जाएगा। इसके लिए अब तक तीन बार तिथि बढ़ाई जा चुकी है।
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इस बीच शासन की ओर से जून में बजट जारी होने के बाद 16 जुलाई को समाज कल्याण विभाग ने पिछले महीनों की पेंशन जारी कर दी थी लेकिन अभी तक सत्यापन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। तीन माह में अब तक केवल 60 प्रतिशत ही सत्यापन हो पाया है। जबकि जिले में 79800 पेंशनर हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर का कहना है कि अब गांवों में मुनादी अथवा लाउडस्पीकर से आवेदकों से पेंशन सत्यापन कराने की अपील की जाएगी। यह कार्य 15 अगस्त तक कराना अनिवार्य है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पेंशनरों का भौतिक सत्यापन पूरा करने में समाज कल्याण विभाग के पसीने छूट रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के तमाम दावों और दो बार तिथि बढ़ने के बावजूद तीन महीने में अभी तक केवल 60 कार्य ही हो पाया है। वहीं अब विभाग गांवों मुनादी कराकर पेंशनरों का सत्यापन करेगा।
सरकार की ओर से विधवा, वृद्ध और दिव्यांगों को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। यह पेंशन तीन तीन माह में आती है। नियमानुसार इसके लिए विभाग सभी आवेदकों का भौतिक सत्यापन करता है ताकि कोई फर्जीवाड़ा न हो है।
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मई से पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसके बाद सत्यापन के लिए तहसील परिसर में पेंशनरों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। उस दौरान सत्यापन के लिए पहुंच रहे लोगों को तमाम फजीहतें झेलनी पड़ रही थीं। तक यह मामला अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद संबंधित अधिकारी ने घोषणा की थी कि सभी आवेदनों का सत्यापन घर घर जाकर किया जाएगा। इसके लिए अब तक तीन बार तिथि बढ़ाई जा चुकी है।
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इस बीच शासन की ओर से जून में बजट जारी होने के बाद 16 जुलाई को समाज कल्याण विभाग ने पिछले महीनों की पेंशन जारी कर दी थी लेकिन अभी तक सत्यापन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। तीन माह में अब तक केवल 60 प्रतिशत ही सत्यापन हो पाया है। जबकि जिले में 79800 पेंशनर हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर का कहना है कि अब गांवों में मुनादी अथवा लाउडस्पीकर से आवेदकों से पेंशन सत्यापन कराने की अपील की जाएगी। यह कार्य 15 अगस्त तक कराना अनिवार्य है।