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सरकारी अस्पतालों में निजी कंपनियों के विशेषज्ञ डॉक्टर्स पैरा मेडिकल देंगे सेवाएं
Updated Sat, 07 Jul 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
स्त्री रोग, बाल रोग, हड्डी रोग, निश्चेतक जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरोें व पैरा मेडिकल स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने निजी कंपनियों व फर्मों की मदद लेने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अब राज्य के जिला अस्पतालों, सीएचसी व पीएचसी में जरूरत के मुताबिक विशेषज्ञ डॉक्टराें की सेवाएं भी ली जाएंगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग में 45 स्त्री रोग विशेषज्ञों, 39 बाल रोग विशेषज्ञों, 42 रेडियोलाजिस्ट के अलावा अलग-अलग विधाओं के 185 विशेषज्ञ डॉक्टरोें की कमी है। इसके अलावा अस्पतालों में 159 महिला हेल्थ असिस्टेंट, 228 पुरुष हेल्थ असिस्टेंट, 235 तकनीकी सहायकों, 427 स्टाफ नर्स की कमी है। सीएचसी-पीएची में डॉक्टरों की कमी का सवाल है तो 52 डॉक्टरों की तत्काल जरूरत है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए विभाग ने कई बार भर्ती प्रक्रिया शुरू की, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सरकारी सेवाओं के लिए कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। एक दिन पूर्व पार्लियामेंट बोर्ड कमेटी मुख्य सचिव समेत तमाम आला अफसरों के साथ बैठक मेें डॉक्टरों की कमी पर चिंता जताई थी। ऐसे में अब डॉक्टरों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों व पैरा मेडिकल की कमी को दूर करने के लिए निजी कंपनियों व फर्मों की मदद लेने की योजना तैयार की है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए निजी कंपनियोें व फर्मों की मदद लेने की योजना बनाई गई है। निजी कंपनियों व फर्मोें से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों व पैरा मेडिकल्स की सेवाएं लेने के बाद कंपनियोें को एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। नए डॉक्टरों की नियुक्ति होने तक इन विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी।
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-डॉ. अंजली नौटियाल, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
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स्त्री रोग, बाल रोग, हड्डी रोग, निश्चेतक जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरोें व पैरा मेडिकल स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने निजी कंपनियों व फर्मों की मदद लेने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अब राज्य के जिला अस्पतालों, सीएचसी व पीएचसी में जरूरत के मुताबिक विशेषज्ञ डॉक्टराें की सेवाएं भी ली जाएंगी। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग में 45 स्त्री रोग विशेषज्ञों, 39 बाल रोग विशेषज्ञों, 42 रेडियोलाजिस्ट के अलावा अलग-अलग विधाओं के 185 विशेषज्ञ डॉक्टरोें की कमी है। इसके अलावा अस्पतालों में 159 महिला हेल्थ असिस्टेंट, 228 पुरुष हेल्थ असिस्टेंट, 235 तकनीकी सहायकों, 427 स्टाफ नर्स की कमी है। सीएचसी-पीएची में डॉक्टरों की कमी का सवाल है तो 52 डॉक्टरों की तत्काल जरूरत है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए विभाग ने कई बार भर्ती प्रक्रिया शुरू की, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सरकारी सेवाओं के लिए कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। एक दिन पूर्व पार्लियामेंट बोर्ड कमेटी मुख्य सचिव समेत तमाम आला अफसरों के साथ बैठक मेें डॉक्टरों की कमी पर चिंता जताई थी। ऐसे में अब डॉक्टरों ने विशेषज्ञ डॉक्टरों व पैरा मेडिकल की कमी को दूर करने के लिए निजी कंपनियों व फर्मों की मदद लेने की योजना तैयार की है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए निजी कंपनियोें व फर्मों की मदद लेने की योजना बनाई गई है। निजी कंपनियों व फर्मोें से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों व पैरा मेडिकल्स की सेवाएं लेने के बाद कंपनियोें को एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। नए डॉक्टरों की नियुक्ति होने तक इन विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी।
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-डॉ. अंजली नौटियाल, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन