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घरेलू कामगारों के लिए हो बोर्ड का गठन
Updated Sat, 05 May 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
हिमाद एवं असंघटित कामगार अधिकार मंच ने सरकार पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने घरेलू कामगारों के लिए बोर्ड का गठन कर कानून बनाने की मांग की।
शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता कर असंगठित कामगार अधिकार मंच के अजय रावत ने कहा कि घरेलू कामगारों के लिए अभी तक कोई कानून नहीं बनाया गया है, जो दुखद पहलू है। घरेलू कामगार के काम के घंटे बेहद अधिक होने, साप्ताहिक छुट्टी न मिलने के साथ ही साथ उनका शारीरिक, मानसिक उत्पीड़न का भी शिकार होना पड़ता है। हिमाद के अध्यक्ष डॉक्टर डीएस पुंडीर ने कहा कि देश के अनेक राज्यों में घरेलू कामगारों के लिए कानून बनाने की पहल की है जिसमें आंध्र प्रदेश, राजस्थान, केरल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्य शामिल हैं। कहा कि प्रदेश में घरेलू कामगारों के लिए बोर्ड का गठन कर कानून बनाने को राज्यपाल और सरकार को ज्ञापन भेजा गया है।
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हिमाद एवं असंघटित कामगार अधिकार मंच ने सरकार पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने घरेलू कामगारों के लिए बोर्ड का गठन कर कानून बनाने की मांग की।
शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता कर असंगठित कामगार अधिकार मंच के अजय रावत ने कहा कि घरेलू कामगारों के लिए अभी तक कोई कानून नहीं बनाया गया है, जो दुखद पहलू है। घरेलू कामगार के काम के घंटे बेहद अधिक होने, साप्ताहिक छुट्टी न मिलने के साथ ही साथ उनका शारीरिक, मानसिक उत्पीड़न का भी शिकार होना पड़ता है। हिमाद के अध्यक्ष डॉक्टर डीएस पुंडीर ने कहा कि देश के अनेक राज्यों में घरेलू कामगारों के लिए कानून बनाने की पहल की है जिसमें आंध्र प्रदेश, राजस्थान, केरल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्य शामिल हैं। कहा कि प्रदेश में घरेलू कामगारों के लिए बोर्ड का गठन कर कानून बनाने को राज्यपाल और सरकार को ज्ञापन भेजा गया है।
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