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-सीएम आवास पर जा रहे लोगों को झाझरा में रोका
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:45 AM IST
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सीएम आवास पर जा रहे लोगों को झाझरा में रोका
ब्यूरो/अमर उजाल/देहरादून।
शीशमबाड़ा स्थित सीआरपीएफ को आवंटित जमीन को खाली कराने के विरोध में सपा नेता की अगुवाई में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर कूच करने निकले पुरुषों एवं महिलाओं को पुलिस ने झाझरा में ही रोक दिया। इसके बाद देर रात तक प्रदर्शनकारी झाझरा पुलिस चौकी के सामने ही धरना-प्रदर्शन करते रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े रहे।
शीशमबाड़ा स्थित सीआरपीएफ की जमीन खाली कराने के बाबत प्रशासन यहां बसे लोगों को नोटिस देने के साथ मकान बनाने वालाें को बेदखली का आदेश भी जारी कर चुका है। इसी के तहत एक सप्ताह से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जमीन खाली कराने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन लोग हितों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का तर्क है कि वे यहां वर्षों से बसे हैं। ऐसे में बिना विकल्प दिए बेघर करना न्याय संगत नहीं है।
इसी कड़ी मेें समाजवादी पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महितोष मैठाणी की अगुवाई में मंगलवार को पुरु ष और महिलाएं बस में सवार होकर मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच कर रहे थे। हालांकि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने बस को झाझरा पुलिस चौकी के पास रोक लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पुलिस चौकी के बाहर ही धरना पर बैठ गए। सपा नेता मैठाणी का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री से वार्ता करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोक लिया। मैठाणी ने कहा कि जमीन खाली कराने का आदेश पूरी तरह मनमानी है। यहां लंबे समय कई सौ परिवार रह रहे हैं। ऐसे में उनकी छत छीन जाएगी। सरकार को उनके हितों की भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। मैठाणी ने बताया कि धरने में शामिल एक महिला की तबीयत बिगड़ गई है, जिसका पुलिस उपचार करा रही है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी नहीं होने तक धरने की चेतावनी दी है। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने प्रदर्शनकारियाें को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
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ब्यूरो/अमर उजाल/देहरादून।
शीशमबाड़ा स्थित सीआरपीएफ को आवंटित जमीन को खाली कराने के विरोध में सपा नेता की अगुवाई में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर कूच करने निकले पुरुषों एवं महिलाओं को पुलिस ने झाझरा में ही रोक दिया। इसके बाद देर रात तक प्रदर्शनकारी झाझरा पुलिस चौकी के सामने ही धरना-प्रदर्शन करते रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े रहे।
शीशमबाड़ा स्थित सीआरपीएफ की जमीन खाली कराने के बाबत प्रशासन यहां बसे लोगों को नोटिस देने के साथ मकान बनाने वालाें को बेदखली का आदेश भी जारी कर चुका है। इसी के तहत एक सप्ताह से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जमीन खाली कराने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन लोग हितों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का तर्क है कि वे यहां वर्षों से बसे हैं। ऐसे में बिना विकल्प दिए बेघर करना न्याय संगत नहीं है।
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इसी कड़ी मेें समाजवादी पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महितोष मैठाणी की अगुवाई में मंगलवार को पुरु ष और महिलाएं बस में सवार होकर मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच कर रहे थे। हालांकि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने बस को झाझरा पुलिस चौकी के पास रोक लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पुलिस चौकी के बाहर ही धरना पर बैठ गए। सपा नेता मैठाणी का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री से वार्ता करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोक लिया। मैठाणी ने कहा कि जमीन खाली कराने का आदेश पूरी तरह मनमानी है। यहां लंबे समय कई सौ परिवार रह रहे हैं। ऐसे में उनकी छत छीन जाएगी। सरकार को उनके हितों की भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। मैठाणी ने बताया कि धरने में शामिल एक महिला की तबीयत बिगड़ गई है, जिसका पुलिस उपचार करा रही है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी नहीं होने तक धरने की चेतावनी दी है। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने प्रदर्शनकारियाें को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
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