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असाध्य रोगों के इलाज में नेचुरोपैथी कारगर : डॉ. काला
Updated Mon, 19 Nov 2018 02:11 AM IST
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असाध्य रोगों के इलाज में नेचुरोपैथी कारगर : डॉ. काला
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गनाइजेशन (आईएनओ) की प्रथम प्राकृतिक चिकित्सा दिवस समारोह चेतना केंद्र बड़ोवाला प्रेमनगर में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर लोगोें को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के जुड़े पहलुओं की जानकारी दी गई।
समारोह में पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सरस्वती काला ने कहा कि असाध्य रोगों के इलाज में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति (नेचुरोपैथी) बेहद उपयोगी और कारगर है। आजकल हर व्यक्ति एलोपैथिक दवाओं का सेवन कर रहा है जिसके नकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति पूरी तरह से दुष्प्रभाव रहित है। इस दौरान डॉ. काला ने जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, धूप स्नान, भाप स्नान के गुणों की जानकारी देने के साथ ही इसे अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित आरोग्यम योग नेचुरोपैथी एवं एक्यूप्रेशर संस्थान के उपनिदेशक मनोज रतूड़ी ने कहा कि वर्तमान में रोगोें के इलाज के लिए हानि रहित चिकित्सा पद्धति की आवश्यकता है। ऐसे में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति काफी मुफीद साबित हो रही है। इस मौके पर मनहरदीप, अनूप भट्ट, ज्ञान प्रकाश समेत कई विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में पहुंचे मरीजों का प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज भी किया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति रतूड़ी ने किया।
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गनाइजेशन (आईएनओ) की प्रथम प्राकृतिक चिकित्सा दिवस समारोह चेतना केंद्र बड़ोवाला प्रेमनगर में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर लोगोें को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के जुड़े पहलुओं की जानकारी दी गई।
समारोह में पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सरस्वती काला ने कहा कि असाध्य रोगों के इलाज में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति (नेचुरोपैथी) बेहद उपयोगी और कारगर है। आजकल हर व्यक्ति एलोपैथिक दवाओं का सेवन कर रहा है जिसके नकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति पूरी तरह से दुष्प्रभाव रहित है। इस दौरान डॉ. काला ने जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, धूप स्नान, भाप स्नान के गुणों की जानकारी देने के साथ ही इसे अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित आरोग्यम योग नेचुरोपैथी एवं एक्यूप्रेशर संस्थान के उपनिदेशक मनोज रतूड़ी ने कहा कि वर्तमान में रोगोें के इलाज के लिए हानि रहित चिकित्सा पद्धति की आवश्यकता है। ऐसे में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति काफी मुफीद साबित हो रही है। इस मौके पर मनहरदीप, अनूप भट्ट, ज्ञान प्रकाश समेत कई विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में पहुंचे मरीजों का प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज भी किया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति रतूड़ी ने किया।
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