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वन दारोगा की सीधी भर्ती को लेकर वनकर्मी लामबंद
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
वन विभाग में वन दारोगा के सीधी भर्ती के पदों को समाप्त कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है। वन बीट अधिकारी, वन आरक्षी संघ ने वन दरोगा के पदों पर 33 फीसदी सीधी भर्ती के पदों को समाप्त करने के साथ ही वर्दी और धुलाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की है। कर्मचारियों ने वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान वनकर्मियों के घायल होने पर विभागीय स्तर पर आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
उत्तराखंड वन वीट अधिकारी, वन आरक्षी संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में मांग उठाई गई कि वन दारोगा के पदों पर पदोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा की बाध्यता को समाप्त किया जाए। इसके साथ ही वन आरक्षी संवर्ग के वेतनमान में बढ़ोतरी की जाए। फील्ड कर्मचारियों की कमी को दूर करने के साथ ही राजकीय अवकाश के दौरान कार्य के बदले अतिरिक्त भुगतान कराया जाए। प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में मकान किराए भत्ता, स्टेशनरी भत्ता की मांग उठाते हुए वनकर्मियों ने वर्दी भत्ता और धुलाई भत्ते को संशोधित किए जाने की मांग की है। बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों के रेस्क्यू के दौरान कर्मचारियों के घायल होने पर उन्हें आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए। वनकर्मियों को शस्त्र लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाएं। बैठक में संघ के प्रांतीय अध्यक्ष आशीष कोठारी, महामंत्री शशि वर्धन अधिकारी, उपाध्यक्ष राकेश बेडवाल, महामंत्री आरती पंत, राकेश पंत, गोपाल सिंह जीना, रमेशचंद्र थपलियाल, गोविंद सिंह नगरकोटी, बीएस जंगपांगी, दीपचंद्र जोशी, गोविंद सिंह, नरेंद्र सिंह, राकेश कंडवाल, विशन सिंह, देवेंद्र सिंह, हरपाल सिंह गुसाईं, फरमान अली, पूरन सिंह रावत, राकेश रावत, नीलकंठ पोखरियाल समेत तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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वन विभाग में वन दारोगा के सीधी भर्ती के पदों को समाप्त कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है। वन बीट अधिकारी, वन आरक्षी संघ ने वन दरोगा के पदों पर 33 फीसदी सीधी भर्ती के पदों को समाप्त करने के साथ ही वर्दी और धुलाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की है। कर्मचारियों ने वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान वनकर्मियों के घायल होने पर विभागीय स्तर पर आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
उत्तराखंड वन वीट अधिकारी, वन आरक्षी संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में मांग उठाई गई कि वन दारोगा के पदों पर पदोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा की बाध्यता को समाप्त किया जाए। इसके साथ ही वन आरक्षी संवर्ग के वेतनमान में बढ़ोतरी की जाए। फील्ड कर्मचारियों की कमी को दूर करने के साथ ही राजकीय अवकाश के दौरान कार्य के बदले अतिरिक्त भुगतान कराया जाए। प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में मकान किराए भत्ता, स्टेशनरी भत्ता की मांग उठाते हुए वनकर्मियों ने वर्दी भत्ता और धुलाई भत्ते को संशोधित किए जाने की मांग की है। बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों के रेस्क्यू के दौरान कर्मचारियों के घायल होने पर उन्हें आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए। वनकर्मियों को शस्त्र लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाएं। बैठक में संघ के प्रांतीय अध्यक्ष आशीष कोठारी, महामंत्री शशि वर्धन अधिकारी, उपाध्यक्ष राकेश बेडवाल, महामंत्री आरती पंत, राकेश पंत, गोपाल सिंह जीना, रमेशचंद्र थपलियाल, गोविंद सिंह नगरकोटी, बीएस जंगपांगी, दीपचंद्र जोशी, गोविंद सिंह, नरेंद्र सिंह, राकेश कंडवाल, विशन सिंह, देवेंद्र सिंह, हरपाल सिंह गुसाईं, फरमान अली, पूरन सिंह रावत, राकेश रावत, नीलकंठ पोखरियाल समेत तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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