{"_id":"5b806bd342c79246361b1483","slug":"191535142867-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘माइग्रेटरी डेंगू’ से बढ़ी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘माइग्रेटरी डेंगू’ से बढ़ी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मुसीबत
Updated Sat, 25 Aug 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘माइग्रेटरी डेंगू’ से बढ़ी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मुसीबत
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने वाले डेंगू प्रभावित लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद उड़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग इस अवस्था को ‘माइग्रेटरी डेंगू’ बता रहा है, लेकिन रोकथाम के बाबत कोई ठोस योजना नहीं बना पा रहा है। बहरहाल स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है और अतिरिक्त सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
माइग्रेटरी डेंगू पीड़ित से तीनों मरीजों का इलाज जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में चल रहा है। इसके अलावा हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून में कई प्रभावितों के होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉक्टर टीसी पंत के अनुसार बारिश में डेंगू फैलने का ज्यादा खतरा रहता है। राज्य में डेंगू के बाबत कई ठोस इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न स्वास्थ्य एजेंसियों के माध्यम से लगातार सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इसी बीच महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों की निजी कंपनियों में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के मजदूर काम करते हैं। वे डेंगू की गिरफ्त में आने के बाद अपने घर लौट रहे हैं। ऐसे ही तीन मरीज जौलीग्रांट हिमालयन अस्पताल में भर्ती हैं। परदेश से लौटने वाले डेंगू प्रभावित लोगों (‘माइग्रेटरी डेंगू’) की पहचान थोड़ी मुश्किल है। हालांकि कहीं से किसी गंभीर मरीज की सूचना नहीं हैं। बहरहाल सभी सीएमओ को स्थानीय स्तर पर डेंगू की गिरफ्त में आ रहे लोगों की रिपोर्टिंग के साथ ही माइग्रेटरी डेंगू के मरीजों का डाटा मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने वाले डेंगू प्रभावित लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद उड़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग इस अवस्था को ‘माइग्रेटरी डेंगू’ बता रहा है, लेकिन रोकथाम के बाबत कोई ठोस योजना नहीं बना पा रहा है। बहरहाल स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है और अतिरिक्त सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
माइग्रेटरी डेंगू पीड़ित से तीनों मरीजों का इलाज जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में चल रहा है। इसके अलावा हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून में कई प्रभावितों के होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉक्टर टीसी पंत के अनुसार बारिश में डेंगू फैलने का ज्यादा खतरा रहता है। राज्य में डेंगू के बाबत कई ठोस इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न स्वास्थ्य एजेंसियों के माध्यम से लगातार सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इसी बीच महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों की निजी कंपनियों में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के मजदूर काम करते हैं। वे डेंगू की गिरफ्त में आने के बाद अपने घर लौट रहे हैं। ऐसे ही तीन मरीज जौलीग्रांट हिमालयन अस्पताल में भर्ती हैं। परदेश से लौटने वाले डेंगू प्रभावित लोगों (‘माइग्रेटरी डेंगू’) की पहचान थोड़ी मुश्किल है। हालांकि कहीं से किसी गंभीर मरीज की सूचना नहीं हैं। बहरहाल सभी सीएमओ को स्थानीय स्तर पर डेंगू की गिरफ्त में आ रहे लोगों की रिपोर्टिंग के साथ ही माइग्रेटरी डेंगू के मरीजों का डाटा मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
विज्ञापन