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डॉ. केके टम्टा ले सकते हैं वीआरएस
Updated Mon, 04 Jun 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पिछले दिनों पद से हटाए गए दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. केके टम्टा के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने की चर्चा है। वहीं अवकाश पर चल रहे मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. केके टम्टा ने अभीतक नवनियुक्त मेडिकल सुपरिटेंडेंट को कार्यभार भी नहीं सौंपा है।
बता दें पिछले दिनों शासन स्तर से दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. केके टम्टा को हटाकर मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. केसी पंत को दायित्व सौंपा गया था। शासन की ओर से आदेश जारी होने के बाद से डॉ. टम्टा अवकाश पर हैं और अब उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की इच्छा जताई है। हालांकि वीआरएस के बाबत उन्होंने अभी लिखित में कोई पहल नहीं की है। डॉ. टम्टा का कहना है कि बतौर मेडिकल सुपरिटेंडेंट उन्होंने दून अस्पताल के लिए अपने स्तर से तमाम उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पद से हटा दिया गया है। इन परिस्थितियों में अब लंबे समय तक स्वास्थ्य विभाग को अपनी सेवाएं देना संभव नहीं है। कार्यभार सौंपने के बाबत उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने पर कार्यभार डॉ. केसी पंत को सौंप देंगे। वहीं चार दिन बाद भी डॉ. केके टम्टा को आदेश का न मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। बहरहाल अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा अस्पताल में डॉक्टरों, पैरा मेडिकल व कर्मचारियों में कई तरह की चर्चा है।
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पिछले दिनों पद से हटाए गए दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. केके टम्टा के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने की चर्चा है। वहीं अवकाश पर चल रहे मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. केके टम्टा ने अभीतक नवनियुक्त मेडिकल सुपरिटेंडेंट को कार्यभार भी नहीं सौंपा है।
बता दें पिछले दिनों शासन स्तर से दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. केके टम्टा को हटाकर मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. केसी पंत को दायित्व सौंपा गया था। शासन की ओर से आदेश जारी होने के बाद से डॉ. टम्टा अवकाश पर हैं और अब उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की इच्छा जताई है। हालांकि वीआरएस के बाबत उन्होंने अभी लिखित में कोई पहल नहीं की है। डॉ. टम्टा का कहना है कि बतौर मेडिकल सुपरिटेंडेंट उन्होंने दून अस्पताल के लिए अपने स्तर से तमाम उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पद से हटा दिया गया है। इन परिस्थितियों में अब लंबे समय तक स्वास्थ्य विभाग को अपनी सेवाएं देना संभव नहीं है। कार्यभार सौंपने के बाबत उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने पर कार्यभार डॉ. केसी पंत को सौंप देंगे। वहीं चार दिन बाद भी डॉ. केके टम्टा को आदेश का न मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। बहरहाल अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा अस्पताल में डॉक्टरों, पैरा मेडिकल व कर्मचारियों में कई तरह की चर्चा है।
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