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बच्चों को स्कूल से ही रक्तदान के प्रति किया जाए जागरूक
Updated Sun, 11 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बच्चों को स्कूल से ही रक्तदान के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। प्रत्येक बच्चे के पास ब्लड ग्रुप वाला कार्ड होना चाहिए। यह बात आईएमए ब्लड बैंक के सचिव डॉ. डीडी चौधरी ने शनिवार को आईएमए ब्लड बैंक की ओर से राजपुर रोड स्थित होटल में आयोजित रक्त प्रवाह 2018 कार्यक्रम के दौरान कही।
डॉ. डीडी चौधरी ने कहा कि रक्तदान से किसी की जान बचाई जा सकती है। इससे अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को ऐसा कार्ड दिया जाए जिसमें उसका नाम और ब्लड ग्रुप लिखा हो। उन्होंने आईएमए ब्लड बैंक की ओर से किए जा रहे पर्यावरण एवं अन्य सामाजिक कार्यों की सराहना की। मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने कहा कि रोगी का चिकित्सक से विश्वास बना रहता है। इस विश्वास को टूटने नहीं देना चाहिए। डॉ. विजन मिश्रा ने कहा कि चिकित्सक मुनाफा कमाने की बजाय इलाज की गुणवत्ता और मरीज की सुरक्षा पर ध्यान दें। चिकित्सकों का मरीजों से जुड़ाव बना रहे इसके लिए फोन पर हाल पूछना काफी कारगर माध्यम है। कार्यक्रम में डॉ. आरएन सिंह, डॉ. गिरीश गोयल, डॉ. अजय खन्ना, डॉ. संजय उप्रेती, डॉ. एसके गुप्ता, डॉ. एसजी सेठी, डॉ. केएन छाबड़ा आदि मौजूद रहे।
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बच्चों को स्कूल से ही रक्तदान के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। प्रत्येक बच्चे के पास ब्लड ग्रुप वाला कार्ड होना चाहिए। यह बात आईएमए ब्लड बैंक के सचिव डॉ. डीडी चौधरी ने शनिवार को आईएमए ब्लड बैंक की ओर से राजपुर रोड स्थित होटल में आयोजित रक्त प्रवाह 2018 कार्यक्रम के दौरान कही।
डॉ. डीडी चौधरी ने कहा कि रक्तदान से किसी की जान बचाई जा सकती है। इससे अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को ऐसा कार्ड दिया जाए जिसमें उसका नाम और ब्लड ग्रुप लिखा हो। उन्होंने आईएमए ब्लड बैंक की ओर से किए जा रहे पर्यावरण एवं अन्य सामाजिक कार्यों की सराहना की। मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने कहा कि रोगी का चिकित्सक से विश्वास बना रहता है। इस विश्वास को टूटने नहीं देना चाहिए। डॉ. विजन मिश्रा ने कहा कि चिकित्सक मुनाफा कमाने की बजाय इलाज की गुणवत्ता और मरीज की सुरक्षा पर ध्यान दें। चिकित्सकों का मरीजों से जुड़ाव बना रहे इसके लिए फोन पर हाल पूछना काफी कारगर माध्यम है। कार्यक्रम में डॉ. आरएन सिंह, डॉ. गिरीश गोयल, डॉ. अजय खन्ना, डॉ. संजय उप्रेती, डॉ. एसके गुप्ता, डॉ. एसजी सेठी, डॉ. केएन छाबड़ा आदि मौजूद रहे।
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