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एनआईटी में एमटेक के लिए नहीं मिल रहे छात्र
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:35 PM IST
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श्रीनगर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड में इस बार एमटेक के लिए छात्र नहीं मिल रहे हैं। तीन चरण की दाखिला प्रक्रिया के बाद भी 75 में 21 सीटें ही भर पाई हैं। संस्थान को उम्मीद है कि 5 जुलाई से होने वाली नेशनल स्पॉट राउंड प्रक्रिया के बाद कुछ सीटें भर जाएंगी। पिछले साल के अनुभवों को देखते हुए इस बार संस्थान नॉन गेट (ग्रेजुएट एप्टीट्यूड इन इंजीनियरिंग) अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित नहीं करेगा। इसके चलते नॉन गेट छात्र को एमटेक में दाखिला नहीं मिल रहा है।
वर्ष 2009 में स्थापित एनआईटी में शैक्षणिक सत्र 2016-17 से एमटेक की कक्षाएं शुरू हुई हैं। वर्तमान में यहां बीटेक में 5 ट्रेड संचालित हैं। एमटेक भी इन्ही पांचों ट्रेडों में होगा। संस्थान ने प्रत्येक ट्रेड मेें दो स्पेशलाइजेशन का विकल्प दिया है। प्रत्येक ट्रेड में 15 सीट के अनुपात से 75 सीट निर्धारित हैं। गत वर्ष 62 सीटें भर गईं थीं, लेकिन इस बार अभी तक काफी सीटें खाली हैं। एमटेक मेें प्रवेश के लिए अप्रैल में सीसीएमटी-2016 (सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग फॉर एमटेक/एमआर्क/एम प्लान एडमिशन) के माध्यम से ऑनलाइन च्वॉइस फिलिंग की गई थी। इसमें लगभग 300 ने एनआईटी उत्तराखंड के लिए च्वॉइस भरी थी। इसके बाद सीट आवंटन और चयन के लिए तीन राउंड की प्रक्रिया चली। इसमें अभी तक 26 को सीटें आवंटित हुई हैं। जिसमें से 21 ने प्रवेश लिया है। यदि नॉन गेट अभ्यर्थियों को मौका मिलता तो कुछ सीटें भरने की उम्मीद की जा सकती थी।
मिलती है स्कॉलरशिप
श्रीनगर। एमटेक करने के दौरान प्रत्येक छात्र को 12,400 रुपये प्रतिमाह स्कॉलरशिप मिलती है। जबकि प्रति सेमेस्टर उनको 60,900 रुपये फीस देनी होती है। नॉन गेट छात्र को स्कॉलरशिप नहीं मिलती है, लेकिन इस बार उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
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एमटेक में चल रहे ये कोर्स
सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग।
सीट भरने की उम्मीद
अभी तीसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया के लिए एक दिन शेष है। इसके अलावा स्पॉट राउंड भी होना है। हमें उम्मीद है कि कई सीटें भर जाएंगी। - डॉ. अनुपम कुमार आदित्य, काउंसिलिंग प्रभारी एनआईटी उत्तराखंड
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वर्ष 2009 में स्थापित एनआईटी में शैक्षणिक सत्र 2016-17 से एमटेक की कक्षाएं शुरू हुई हैं। वर्तमान में यहां बीटेक में 5 ट्रेड संचालित हैं। एमटेक भी इन्ही पांचों ट्रेडों में होगा। संस्थान ने प्रत्येक ट्रेड मेें दो स्पेशलाइजेशन का विकल्प दिया है। प्रत्येक ट्रेड में 15 सीट के अनुपात से 75 सीट निर्धारित हैं। गत वर्ष 62 सीटें भर गईं थीं, लेकिन इस बार अभी तक काफी सीटें खाली हैं। एमटेक मेें प्रवेश के लिए अप्रैल में सीसीएमटी-2016 (सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग फॉर एमटेक/एमआर्क/एम प्लान एडमिशन) के माध्यम से ऑनलाइन च्वॉइस फिलिंग की गई थी। इसमें लगभग 300 ने एनआईटी उत्तराखंड के लिए च्वॉइस भरी थी। इसके बाद सीट आवंटन और चयन के लिए तीन राउंड की प्रक्रिया चली। इसमें अभी तक 26 को सीटें आवंटित हुई हैं। जिसमें से 21 ने प्रवेश लिया है। यदि नॉन गेट अभ्यर्थियों को मौका मिलता तो कुछ सीटें भरने की उम्मीद की जा सकती थी।
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मिलती है स्कॉलरशिप
श्रीनगर। एमटेक करने के दौरान प्रत्येक छात्र को 12,400 रुपये प्रतिमाह स्कॉलरशिप मिलती है। जबकि प्रति सेमेस्टर उनको 60,900 रुपये फीस देनी होती है। नॉन गेट छात्र को स्कॉलरशिप नहीं मिलती है, लेकिन इस बार उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
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सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग।
सीट भरने की उम्मीद
अभी तीसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया के लिए एक दिन शेष है। इसके अलावा स्पॉट राउंड भी होना है। हमें उम्मीद है कि कई सीटें भर जाएंगी। - डॉ. अनुपम कुमार आदित्य, काउंसिलिंग प्रभारी एनआईटी उत्तराखंड