उत्तराखंड: 18325 बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से छूटे, फिर चलेगा मिशन इंद्र धनुष
- प्रदेश में दो दिसंबर से चार चरणों में चलेगा सघन मिशन इंद्र धनुष अभियान
- अभियान में 90 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण का लक्ष्य
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प्रदेश के दस जनपदों में 18325 बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से छूट गए हैं। इसमें 14729 बच्चे शामिल हैं। इन तक पहुंचने के लिए दो दिसंबर से चार चरणों में सघन मिशन इंद्र धनुष अभियान चलाया जाएगा। अभियान में प्रदेश में टीकाकरण को 90 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है।
शनिवार को स्वास्थ्य निदेशालय स्थित एनएचएम कार्यालय में सघन मिशन इंद्र धनुष अभियान पर मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान एनएचएम के मिशन निदेशक एवं अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से टीकाकरण अभियान प्रदेश के 10 जनपदों में दो दिसंबर से शुरू किया जाएगा। मार्च 2020 तक चार चरणों में यह अभियान चलेगा।
प्रत्येक माह के प्रथम सोमवार से सात दिनों तक छूटे हुए बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा। पहला चरण 2 से 12 दिसंबर, दूसरा 6 से 16 जनवरी, 3 से 13 फरवरी, 2 से 12 मार्च तक चलेगा। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि राज्य स्तर पर अभियान की नियमित निगरानी के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है।
निदेशक एनएचएम डॉ. अंजलि नौटियाल ने कहा कि टीकाकरण बच्चों में होने वाली कई जानलेवा बीमारियों से बचाव का सबसे उचित माध्यम है। संपूर्ण टीकाकरण में एक वर्ष की आयु होने तक बच्चे को बीसीजी, पैंटावेलेंट, रोटा वायरस, ओपीवी और खसरे का टीका लगाना जरूरी है। इस मौके पर एनएचएम के प्रभारी अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह मार्तोलिया, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मीनाक्षी उनियाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ डॉ. विकास शर्मा, डॉ. पंकज कुमार सिंह, राज्य आईसी अधिकारी जेसी पांडे आदि मौजूद थे।
प्रदेश के दस जनपदों में टीकाकरण से छूटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं का ब्योरा
जिला बच्चे गर्भवती महिला
यूएस नगर 3524 1401
हरिद्वार 9724 1057
अल्मोड़ा 82 9
चमोली 254 57
चंपावत 61 3
पौड़ी 215 28
पिथौरागढ़ 35 3
रुद्रप्रयाग 52 20
टिहरी 381 77
उत्तरकाशी 401 141