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डग्गामार बसों, टैक्सियों के ,िखलाफ संयुक्त अभियान, पांच बसें सीज, 15 का चालान
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। परिवहन विभाग व परिवहन निगम ने डग्गामारी के खिलाफ सोमवार से अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को आईएसबीटी के पास पांच बसों को सीज किया गया, जबकि 15 बसों का चालान किया गया। विभागीय अधिकारियों की इस कार्रवाई से बस संचालकों में अफरा तफरी की स्थिति रही। कई चालक सवारियाें को बीच रास्ते में उतारकर फरार रहो गए। जिसकी वजह से कई सवारियों को पैदल आईएसबीटी तक पहुंचना पड़ा। डग्गामारी से परिवहन निगम को प्रतिदिन लाखों रुपये की चपत लग रही है।
क्या कहता है एमवी एक्ट
मोटर वेहिकल एक्ट के मुताबिक राजमार्गों पर बसों के संचालन का पहल हक राज्य के परिवहन निगम की बसों का होता है। उसके बाद परिवहन विभाग की अनुमति व संबंधित परिवहन निगम के अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने क बाद निजी बसों को संचालन की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन निगम से अनापत्ति के लिए बस संचालकों को एकमुश्त भुगतान करना होगा।
निगम के बस अड्डों के पास से निजी बस बसों का संचालन रोकने के लिए सभी सहायक महाप्रबंधकों को पत्र लिखा गया है। इस संबंध में एआरटीओ के साथ जांच अभियान चलाने को निर्देशित किया है। साथ ही अधिकारियों से यह भी रिपोर्ट मांगी है कि अब तक कितने अभियान चलाए हैं और कितने वाहनों का चालान किया गया?
विज्ञापन
...दीपक जैन, महाप्रबंधक, परिवहन निगम
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देहरादून। परिवहन विभाग व परिवहन निगम ने डग्गामारी के खिलाफ सोमवार से अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को आईएसबीटी के पास पांच बसों को सीज किया गया, जबकि 15 बसों का चालान किया गया। विभागीय अधिकारियों की इस कार्रवाई से बस संचालकों में अफरा तफरी की स्थिति रही। कई चालक सवारियाें को बीच रास्ते में उतारकर फरार रहो गए। जिसकी वजह से कई सवारियों को पैदल आईएसबीटी तक पहुंचना पड़ा। डग्गामारी से परिवहन निगम को प्रतिदिन लाखों रुपये की चपत लग रही है।
क्या कहता है एमवी एक्ट
मोटर वेहिकल एक्ट के मुताबिक राजमार्गों पर बसों के संचालन का पहल हक राज्य के परिवहन निगम की बसों का होता है। उसके बाद परिवहन विभाग की अनुमति व संबंधित परिवहन निगम के अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने क बाद निजी बसों को संचालन की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन निगम से अनापत्ति के लिए बस संचालकों को एकमुश्त भुगतान करना होगा।
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निगम के बस अड्डों के पास से निजी बस बसों का संचालन रोकने के लिए सभी सहायक महाप्रबंधकों को पत्र लिखा गया है। इस संबंध में एआरटीओ के साथ जांच अभियान चलाने को निर्देशित किया है। साथ ही अधिकारियों से यह भी रिपोर्ट मांगी है कि अब तक कितने अभियान चलाए हैं और कितने वाहनों का चालान किया गया?
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