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एक जैसी होगी सरकारी स्कूलों के बच्चों की यूनिफॉर्म
Updated Wed, 09 May 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं की यूनिफॉर्म एक जैसी होगी। इसके अलावा ड्रेस के मद में सरकार से हर साल मिलने वाले 400 रुपयों के स्थान अब छह सौ रुपये मिलेंगे और खेल का सामान खरीदने के लिए भी बजट मिलेगा। यह जानकारी मंगलवार को शिक्षा सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने कुमाऊं और गढ़वाल के अधिकारियों की बैठक में दी।
शिक्षा सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने कहा कि शिक्षा के उन्नयन के लिए इस वर्ष केंद्र सरकार के स्तर से 1136 करोड़ रुपये का आवंटन होना है। इसका ज्यादातर हिस्सा शिक्षा की गुणवत्ता, भवन निर्माण व मरम्मत पर खर्च होना है। विशेष तौर पर कमजोर बच्चों, मासिक परीक्षा में कम अंक पाने वालों की बेहतरी पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा स्कूली बच्चों के लिए एक्टिविटी बुक्स भी खरीदी जाएंगी ताकि उन्हें एनसीईआरटी की किताबों को समझने में आसानी रहे। इसके अलावा पहली बार राज्य के सरकारी स्कूलों को खेल के सामान के लिए भी बजट आवंटित किया जाएगा। खेल के मद में प्राथमिक विद्यालयों को पांच, जूनियर हाईस्कूल को दस और इंटर कॉलेज को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा नए विद्यालय केवल जीआईएस मैपिंग वाले क्षेत्रों में ही खोले जा सकेंगे। इसके तहत विद्यालयों के बीच दूरी, सुरक्षा समेत अन्य बिंदुओं पर नजर रखी जाएगी। प्रदेश में कई कम या शून्य संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया गया है। ऐसे स्कूलों में अगर एक या दो बच्चे रह गए हैं, तो उन्हें छह हजार रुपये प्रतिवर्ष एस्कॉर्ट के रूप में दिया जाएगा। ड्रेस के मद में सभी छात्राओं, बीपीएल, एसटी-एससी वर्ग के छात्रों को प्रत्येक वर्ष छह सौ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा नवाचारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों के आयोजन पर भी सहमति बनी। बैठक में अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल सती समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं की यूनिफॉर्म एक जैसी होगी। इसके अलावा ड्रेस के मद में सरकार से हर साल मिलने वाले 400 रुपयों के स्थान अब छह सौ रुपये मिलेंगे और खेल का सामान खरीदने के लिए भी बजट मिलेगा। यह जानकारी मंगलवार को शिक्षा सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने कुमाऊं और गढ़वाल के अधिकारियों की बैठक में दी।
शिक्षा सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने कहा कि शिक्षा के उन्नयन के लिए इस वर्ष केंद्र सरकार के स्तर से 1136 करोड़ रुपये का आवंटन होना है। इसका ज्यादातर हिस्सा शिक्षा की गुणवत्ता, भवन निर्माण व मरम्मत पर खर्च होना है। विशेष तौर पर कमजोर बच्चों, मासिक परीक्षा में कम अंक पाने वालों की बेहतरी पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा स्कूली बच्चों के लिए एक्टिविटी बुक्स भी खरीदी जाएंगी ताकि उन्हें एनसीईआरटी की किताबों को समझने में आसानी रहे। इसके अलावा पहली बार राज्य के सरकारी स्कूलों को खेल के सामान के लिए भी बजट आवंटित किया जाएगा। खेल के मद में प्राथमिक विद्यालयों को पांच, जूनियर हाईस्कूल को दस और इंटर कॉलेज को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा नए विद्यालय केवल जीआईएस मैपिंग वाले क्षेत्रों में ही खोले जा सकेंगे। इसके तहत विद्यालयों के बीच दूरी, सुरक्षा समेत अन्य बिंदुओं पर नजर रखी जाएगी। प्रदेश में कई कम या शून्य संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया गया है। ऐसे स्कूलों में अगर एक या दो बच्चे रह गए हैं, तो उन्हें छह हजार रुपये प्रतिवर्ष एस्कॉर्ट के रूप में दिया जाएगा। ड्रेस के मद में सभी छात्राओं, बीपीएल, एसटी-एससी वर्ग के छात्रों को प्रत्येक वर्ष छह सौ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा नवाचारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों के आयोजन पर भी सहमति बनी। बैठक में अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल सती समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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