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परिवहन निगमकर्मियों का आंदोलन 17 से
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बकाया वेतन भुगतान, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित भुगतान, दीपावली से पूर्व बोनस, वर्दी के लिए 3000 रुपये हर साल दिए जाने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने नए सिरे से आंदोलन का एलान किया है। यह निर्णय बृहस्पतिवार को आईएसबीटी परिसर में हुई बैठक के दौरान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै व महामंत्री अशोक चौधरी की मौजूदगी में लिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि मांगें 16 अक्टूबर तक स्वीकार नहीं की जाती हैं तो 17 अक्टूबर को आईएसबीटी देहरादून, हल्द्वानी बस स्टेशन व वर्कशाप टनकपुर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। अगले दिन 18 से लेकर 22 अक्तूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 23 अक्टूबर को परिवहन निगम मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि परिवहन निगम मुख्यालय द्वारा कर्मचारियों के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अख्तियार किया जा रहा है। एक यूनियन के महामंत्री का पांच लाख रुपये का नगदीकरण का भुगतान कर दिया गया जबकि बाकी कर्मचारियों का भुगतान जून 2014 तक का लंबित है। कई कर्मचारी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें इलाज के लिए पैसा नहीें दिया जा रहा है। मंडलीय प्रबंधक, सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) व सहायक महाप्रबंधक वित्त समेत कई अफसरों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध मुख्यालय स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस दौरान एक सहायक महाप्रबंधक द्वारा परिचालक से रिश्वत के तौर पर बेड की मांगे जाने का वीडियो वायरल होने का भी मुद्दा भी उठा। हालांकि वीडियो वायरल होने के प्रकरण में संबंधित सहायक महाप्रबंधक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अलावा कम कमायी करने वाले 26 परिचालकोें के स्थानांतरण मामले में अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए गए। बैठक के बाद मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रबंध निदेशक को भेजा गया।
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बकाया वेतन भुगतान, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित भुगतान, दीपावली से पूर्व बोनस, वर्दी के लिए 3000 रुपये हर साल दिए जाने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने नए सिरे से आंदोलन का एलान किया है। यह निर्णय बृहस्पतिवार को आईएसबीटी परिसर में हुई बैठक के दौरान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै व महामंत्री अशोक चौधरी की मौजूदगी में लिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि मांगें 16 अक्टूबर तक स्वीकार नहीं की जाती हैं तो 17 अक्टूबर को आईएसबीटी देहरादून, हल्द्वानी बस स्टेशन व वर्कशाप टनकपुर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। अगले दिन 18 से लेकर 22 अक्तूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 23 अक्टूबर को परिवहन निगम मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि परिवहन निगम मुख्यालय द्वारा कर्मचारियों के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अख्तियार किया जा रहा है। एक यूनियन के महामंत्री का पांच लाख रुपये का नगदीकरण का भुगतान कर दिया गया जबकि बाकी कर्मचारियों का भुगतान जून 2014 तक का लंबित है। कई कर्मचारी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें इलाज के लिए पैसा नहीें दिया जा रहा है। मंडलीय प्रबंधक, सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) व सहायक महाप्रबंधक वित्त समेत कई अफसरों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध मुख्यालय स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस दौरान एक सहायक महाप्रबंधक द्वारा परिचालक से रिश्वत के तौर पर बेड की मांगे जाने का वीडियो वायरल होने का भी मुद्दा भी उठा। हालांकि वीडियो वायरल होने के प्रकरण में संबंधित सहायक महाप्रबंधक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अलावा कम कमायी करने वाले 26 परिचालकोें के स्थानांतरण मामले में अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए गए। बैठक के बाद मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रबंध निदेशक को भेजा गया।
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