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नौ घंटे बाद खुला मसूरी देहरादून हाईवे
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी
मसूरी में रविवार देर रात से हो रही झमाझम बारिश के कारण मसूरी देहरादून हाईवे पर कई जगह भूस्खलन होने से मार्ग 9 घंटे बंद रहा। देहरादून मार्ग पर गलोगी पावर हाउस के पास रविवार रात 1 बजे बोल्डर आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। हालांकि, देर रात ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। लेकिन, जेसीबी नहीं होने से सड़क पर पड़े बोल्डर नहीं हटाए जा सके। वहीं शिव मंदिर पर भी भारी मलबा गिरने से वहां भी मार्ग बंद हो गया। हाईवे बंद होने से सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक मसूरी-देहरादून हाईवे पर रात में करीब एक बजे भूस्खलन के चलते मार्ग बंद हो गया। संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी गई, लेकिन मार्ग पर जेसीबी ऑपरेटरों के मोबाइल बंद होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया। इस वजह से मार्ग सुबह 9 बजे तक बंद रहा। सुबह सात बजे मौके पर पहुचीं जेसीबी ने दो घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को आवाजाही के लायक बनाया।
जिला प्रशासन द्वारा रेड अलर्ट जारी होने पर सभी विभागीय अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों और जेसीबी ऑपरेटरों के बीच ताल-मेल नहीं बन सका। वहीं, सोमवार दोपहर बाद करीब तीन बजे सड़क पर फिर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। करीब एक घंटे के बाद मार्ग खोला जा सका। बता दें कि देर रात से मार्ग बंद होने से तड़के देहरादून से मसूरी, नैनबाग, थत्युड आदि स्थानों आने-जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर टिहरी बाईपास मार्ग पर बाटाघाट और सुवाखोली पर भी मलबा आने से काफी देर यातायात ठप रहा। इससे स्थानीय लोगों समेत स्कूली बच्चों के वाहन जहां-तहां फंसे रहे।
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मसूरी में रविवार देर रात से हो रही झमाझम बारिश के कारण मसूरी देहरादून हाईवे पर कई जगह भूस्खलन होने से मार्ग 9 घंटे बंद रहा। देहरादून मार्ग पर गलोगी पावर हाउस के पास रविवार रात 1 बजे बोल्डर आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। हालांकि, देर रात ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। लेकिन, जेसीबी नहीं होने से सड़क पर पड़े बोल्डर नहीं हटाए जा सके। वहीं शिव मंदिर पर भी भारी मलबा गिरने से वहां भी मार्ग बंद हो गया। हाईवे बंद होने से सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक मसूरी-देहरादून हाईवे पर रात में करीब एक बजे भूस्खलन के चलते मार्ग बंद हो गया। संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी गई, लेकिन मार्ग पर जेसीबी ऑपरेटरों के मोबाइल बंद होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया। इस वजह से मार्ग सुबह 9 बजे तक बंद रहा। सुबह सात बजे मौके पर पहुचीं जेसीबी ने दो घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को आवाजाही के लायक बनाया।
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जिला प्रशासन द्वारा रेड अलर्ट जारी होने पर सभी विभागीय अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों और जेसीबी ऑपरेटरों के बीच ताल-मेल नहीं बन सका। वहीं, सोमवार दोपहर बाद करीब तीन बजे सड़क पर फिर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। करीब एक घंटे के बाद मार्ग खोला जा सका। बता दें कि देर रात से मार्ग बंद होने से तड़के देहरादून से मसूरी, नैनबाग, थत्युड आदि स्थानों आने-जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर टिहरी बाईपास मार्ग पर बाटाघाट और सुवाखोली पर भी मलबा आने से काफी देर यातायात ठप रहा। इससे स्थानीय लोगों समेत स्कूली बच्चों के वाहन जहां-तहां फंसे रहे।
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