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राकेश-सोनी को मिला हिन्दू-मुस्लिम सबका आशीष
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
मुसलमान पिता के हिंदू बेटे की शादी की दावत में दोनों धर्मों के लोग पहुंचे। उन्होंने दावत का आनंद लेने के साथ ही नव दंपत्ति को आशीर्वाद भी दिया। दोनों धर्मों से जुड़े लोगों ने पिता-पुत्र की इस जोड़ी की दिल खोलकर तारीफ की।
गांधी ग्राम निवासी मुन्ना लाल रस्तोगी और उनकी पत्नी की मौत के बाद 12 साल का मासूम राकेश अकेला पड़ गया था। तब सिंघल मंडी निवासी मोइनुद्दीन और उनकी पत्नी कौसर जहां ने राकेश को अपने घर में जगह दी। उसे न केवल परिवार के साथ पाला, बल्कि माता-पिता का प्यार भी दिया। बीती नौ फरवरी को उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से राकेश की बारात निकाली और शाम को दुल्हन लेकर घर पहुंचे। रविवार को सिंघल मंडी स्थित घर के पास ही राकेश और सोनी की शादी की दावत दी गई। पिता मोइनुद्दीन और मां कौसर जहां समेत परिवार के सभी सदस्य इसकी तैयारियों में जुटे रहे। दावत में बड़ी संख्या में दोनों धर्मों के लोग शामिल हुए। खाने में शाकाहारी व्यंजन परोसे गए।
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मुसलमान पिता के हिंदू बेटे की शादी की दावत में दोनों धर्मों के लोग पहुंचे। उन्होंने दावत का आनंद लेने के साथ ही नव दंपत्ति को आशीर्वाद भी दिया। दोनों धर्मों से जुड़े लोगों ने पिता-पुत्र की इस जोड़ी की दिल खोलकर तारीफ की।
गांधी ग्राम निवासी मुन्ना लाल रस्तोगी और उनकी पत्नी की मौत के बाद 12 साल का मासूम राकेश अकेला पड़ गया था। तब सिंघल मंडी निवासी मोइनुद्दीन और उनकी पत्नी कौसर जहां ने राकेश को अपने घर में जगह दी। उसे न केवल परिवार के साथ पाला, बल्कि माता-पिता का प्यार भी दिया। बीती नौ फरवरी को उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से राकेश की बारात निकाली और शाम को दुल्हन लेकर घर पहुंचे। रविवार को सिंघल मंडी स्थित घर के पास ही राकेश और सोनी की शादी की दावत दी गई। पिता मोइनुद्दीन और मां कौसर जहां समेत परिवार के सभी सदस्य इसकी तैयारियों में जुटे रहे। दावत में बड़ी संख्या में दोनों धर्मों के लोग शामिल हुए। खाने में शाकाहारी व्यंजन परोसे गए।
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