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जीएसटी और ई-वे बिल के विरोध में उतरे ट्रांसपोर्टर
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:53 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के जहर खाकर जनता दरबार में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के सामने जाने की घटना के बाद ट्रांसपोर्टर जीएसटी और ई-वे बिल के विरोध में उतर आए हैं। उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर राज्य और केंद्र सरकार की निंदा की। साथ ही जीएसटी नहीं हटाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
रविवार को ट्रांसपोर्ट नगर में हुई आपात बैठक में उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश सैनी सम्राट ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों पर लगाए गए जीएसटी और ई-वे बिल से उनका कारोबार चौपट हो गया है। ट्रांसपोर्टर शुरू से जीएसटी और ई-वे बिल का विरोध करते आ रहे हैं, लेकिन केंद्र या राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों का काम केवल सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाना और ले जाना है। ऐसे में जीएसटी और ई-वे बिल का कोई औचित्य नहीं है। जब से जीएसटी और ई-वे बिल लागू किया गया है ट्रांसपोर्टरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। आदेश सैनी ने कहा कि यही वजह है कि हमारे साथी प्रकाश पांडे को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।
बार-बार जनता दरबार में जाने के बाद भी उनकी समस्या को दरकिनार किया गया। यदि सरकार उनकी समस्या को गंभीरता से लेती सुनती तो उन्हें ये कदम नहीं उठाना पड़ता। उन्होंने कहा यह किसी एक ट्रांसपोर्टर या किसी एक शहर की घटना नहीं है। जीएसटी और ई-वे बिल लागू रहा तो हर शहर में ऐसी घटनाएं देखने को मिलेंगी। बैठक में उन्होंने इस घटना को लेकर केंद्र, राज्य सरकार की निंदा कर साथी ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। बैठक में अशोक ग्रोवर, हरभजन सिंह, राजेंद्र धवन, योगेश गंभीर, जशविंदर सिंह, अनिल शर्मा, दिलावर सिंह, गौरव चौधरी, गजेंद्र सिंह, आशीष सिंह, अनिल कुमार, प्रवीण आदि मौजूद रहे।
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ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के जहर खाकर जनता दरबार में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के सामने जाने की घटना के बाद ट्रांसपोर्टर जीएसटी और ई-वे बिल के विरोध में उतर आए हैं। उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर राज्य और केंद्र सरकार की निंदा की। साथ ही जीएसटी नहीं हटाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
रविवार को ट्रांसपोर्ट नगर में हुई आपात बैठक में उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश सैनी सम्राट ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों पर लगाए गए जीएसटी और ई-वे बिल से उनका कारोबार चौपट हो गया है। ट्रांसपोर्टर शुरू से जीएसटी और ई-वे बिल का विरोध करते आ रहे हैं, लेकिन केंद्र या राज्य सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों का काम केवल सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाना और ले जाना है। ऐसे में जीएसटी और ई-वे बिल का कोई औचित्य नहीं है। जब से जीएसटी और ई-वे बिल लागू किया गया है ट्रांसपोर्टरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। आदेश सैनी ने कहा कि यही वजह है कि हमारे साथी प्रकाश पांडे को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।
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बार-बार जनता दरबार में जाने के बाद भी उनकी समस्या को दरकिनार किया गया। यदि सरकार उनकी समस्या को गंभीरता से लेती सुनती तो उन्हें ये कदम नहीं उठाना पड़ता। उन्होंने कहा यह किसी एक ट्रांसपोर्टर या किसी एक शहर की घटना नहीं है। जीएसटी और ई-वे बिल लागू रहा तो हर शहर में ऐसी घटनाएं देखने को मिलेंगी। बैठक में उन्होंने इस घटना को लेकर केंद्र, राज्य सरकार की निंदा कर साथी ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। बैठक में अशोक ग्रोवर, हरभजन सिंह, राजेंद्र धवन, योगेश गंभीर, जशविंदर सिंह, अनिल शर्मा, दिलावर सिंह, गौरव चौधरी, गजेंद्र सिंह, आशीष सिंह, अनिल कुमार, प्रवीण आदि मौजूद रहे।
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