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गैरसैंण स्थायी राजधानी के लिए निकाली तिरंगा यात्रा
Updated Tue, 02 Jan 2018 02:09 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर उत्तराखंड महिला मंच और स्वराज अभियान की ओर से शहीद स्मारक से घंटाघर तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण राजधानी के मसले पर सभी आंदोलनकारी ताकतों को एकजुट होना होगा। इस दौरान नशा नहीं रोजगार दो, गैरसैंण स्थायी राजधानी दो... का नारा लगाया गया।
सोमवार को शहीद स्मारक पर एकत्र हुए संगठन से जुड़े लोगों ने विभिन्न मार्गों से होते हुए घंटाघर स्थित राज्य आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा के पास तक यात्रा निकाली। यहां हुई सभा में उत्तराखंड महिला मंच की केंद्रीय संयोजिका कमला पंत ने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करे। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ में होने से ही प्रदेश का विकास संभव है। पलायन के चलते पहाड़ में गांव के गांव खाली हो गए हैं। युवा रोजगार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं। खेत बंजर हो गए हैं। महिला मंच की अध्यक्ष निर्मला बिष्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष जबर सिंह रावत, मधु डबराल, लक्ष्मी रावत, भुवनेश्वरी नेगी, सुरेश कुमार, लोक बहादुर थापा शामिल रहे।
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शहीद स्मारक पर क्रमिक अनशन शुरू
उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने रामपुर तिराहा कांड के दोषियों को सजा दिलाने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर शहीद स्मारक पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। अनशन कर रहीं महिलाओं ने कहा कि प्रत्येक जिले में शहीद स्मारकों का निर्माण किया जाए। साथ ही आंदोलनकारियों की रुकी चिह्नीकरण प्रक्रिया को पूरा किया जाए। अनशन करने वालों में नंदा कंडवाल, पार्वती रावत, सरोजनी रावत, कुसुमलता बिष्ट, देवेश्वरी गुसाईं, तुलसी पंत, विमला देवी, मालदेही नेगी, कल्पेश्वरी पुंडीर, आनंदी देवी शामिल रहीं।
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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर उत्तराखंड महिला मंच और स्वराज अभियान की ओर से शहीद स्मारक से घंटाघर तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण राजधानी के मसले पर सभी आंदोलनकारी ताकतों को एकजुट होना होगा। इस दौरान नशा नहीं रोजगार दो, गैरसैंण स्थायी राजधानी दो... का नारा लगाया गया।
सोमवार को शहीद स्मारक पर एकत्र हुए संगठन से जुड़े लोगों ने विभिन्न मार्गों से होते हुए घंटाघर स्थित राज्य आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा के पास तक यात्रा निकाली। यहां हुई सभा में उत्तराखंड महिला मंच की केंद्रीय संयोजिका कमला पंत ने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करे। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ में होने से ही प्रदेश का विकास संभव है। पलायन के चलते पहाड़ में गांव के गांव खाली हो गए हैं। युवा रोजगार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं। खेत बंजर हो गए हैं। महिला मंच की अध्यक्ष निर्मला बिष्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष जबर सिंह रावत, मधु डबराल, लक्ष्मी रावत, भुवनेश्वरी नेगी, सुरेश कुमार, लोक बहादुर थापा शामिल रहे।
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शहीद स्मारक पर क्रमिक अनशन शुरू
उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने रामपुर तिराहा कांड के दोषियों को सजा दिलाने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर शहीद स्मारक पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। अनशन कर रहीं महिलाओं ने कहा कि प्रत्येक जिले में शहीद स्मारकों का निर्माण किया जाए। साथ ही आंदोलनकारियों की रुकी चिह्नीकरण प्रक्रिया को पूरा किया जाए। अनशन करने वालों में नंदा कंडवाल, पार्वती रावत, सरोजनी रावत, कुसुमलता बिष्ट, देवेश्वरी गुसाईं, तुलसी पंत, विमला देवी, मालदेही नेगी, कल्पेश्वरी पुंडीर, आनंदी देवी शामिल रहीं।
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