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हाथियों को रोकने को खोदी खाई
Updated Tue, 19 Dec 2017 01:57 AM IST
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हाथियों को रोकने को खोदी खाई
-- चिल्ली स्मॉग से हाथियों को खदेड़ने में जुटा वन विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। हाथियों की लगातार हो रही आमद को देखते हुए वन विभाग अलर्ट हो गया है। स्मॉग विधि से लेकर खाई खुदान को विभाग ने गति दे दी है। रात्रि गश्त की भी टीमों में बढ़ोतरी कर दी गई है। लच्छीवाला वन रेंज के समीपवर्ती लच्छीवाला, मिस्सरवाला, चांदमारी और टोगिंया के अलावा बालावाला, नकरौंदा आदि गांवों में इन दिनों जंगली हाथियों का उत्पात पूरे चरम पर पहुंच गया है। लगातार हो रहे नुकसान को देखते हुए वन विभाग हाथियों को वनों में ही रोकने के लिए सारे हथकंडे अपना रहा है। वन सीमाओं पर खाई खुदान का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। मंगलवार को वन विभाग ने हाथियों को रोकने के लिए स्मॉग विधि को अपनाया।
लच्छीवाला वन रेंज के हाथी बाहुल्य इलाकों में दोपहर से ही मिर्ची का धुंआ फैलने लगा था। विभागीय टीम पूरी सक्रियता से वन क्षेत्रों में भ्रमण पर रही। लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल ने बताया कि हाथियों की आमद पर अंकुश लगाने के लिए अब तीन टीमों का गठन कर दिया गया है। बुधवार से रेंज के जंगलों में स्मॉग विधि शुरू कर दी गई है। साथ ही वन सीमाओं पर हाथीरोधी खाइयों को बनाने का काम अंतिम चरण में है। बताया कि विभाग अलर्ट होकर हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए हर कारगार उपाय इस्तेमाल कर रहा है।
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-- चिल्ली स्मॉग से हाथियों को खदेड़ने में जुटा वन विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। हाथियों की लगातार हो रही आमद को देखते हुए वन विभाग अलर्ट हो गया है। स्मॉग विधि से लेकर खाई खुदान को विभाग ने गति दे दी है। रात्रि गश्त की भी टीमों में बढ़ोतरी कर दी गई है। लच्छीवाला वन रेंज के समीपवर्ती लच्छीवाला, मिस्सरवाला, चांदमारी और टोगिंया के अलावा बालावाला, नकरौंदा आदि गांवों में इन दिनों जंगली हाथियों का उत्पात पूरे चरम पर पहुंच गया है। लगातार हो रहे नुकसान को देखते हुए वन विभाग हाथियों को वनों में ही रोकने के लिए सारे हथकंडे अपना रहा है। वन सीमाओं पर खाई खुदान का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। मंगलवार को वन विभाग ने हाथियों को रोकने के लिए स्मॉग विधि को अपनाया।
लच्छीवाला वन रेंज के हाथी बाहुल्य इलाकों में दोपहर से ही मिर्ची का धुंआ फैलने लगा था। विभागीय टीम पूरी सक्रियता से वन क्षेत्रों में भ्रमण पर रही। लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल ने बताया कि हाथियों की आमद पर अंकुश लगाने के लिए अब तीन टीमों का गठन कर दिया गया है। बुधवार से रेंज के जंगलों में स्मॉग विधि शुरू कर दी गई है। साथ ही वन सीमाओं पर हाथीरोधी खाइयों को बनाने का काम अंतिम चरण में है। बताया कि विभाग अलर्ट होकर हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए हर कारगार उपाय इस्तेमाल कर रहा है।
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