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लोगों के अधिकारों की लड़ाई लडे़गी ‘उनसे’
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड नव निर्माण सेना (उनसे) प्रदेश के लोगों के अधिकारों की लड़ाई लडे़गी। राज्य के जल, जंगल, जमीन और संसाधनों को बचाने और लूट पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में अभियान भी चलाया जाएगा।
महाराजा अग्रसेन चौक के पास स्थित एक होटल में शनिवार को हुई बैठक में उत्तराखंड नव निर्माण सेना के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकारों पर अतिक्रमण कर निर्वासित करने की साजिश की जा रही है। जिस सपने और आधार पर अलग राज्य की मांग की गई, वह आज पूरी तरह खत्म हो चुका है। राज्य गठन के बाद से ही सरकारें केवल नौकरशाहों के हाथों की कठपुतलियां बनी रहीं और खुलेआम राज्य के संसाधनों की लूट हुई। रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। प्रदेश में 70 फीसदी स्थानीय लोगों को रोजगार देने की अनिवार्यता का पालन नहीं हो रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग पलायन करने को मजबूर हैं। बैठक में शक्तिशैल कपरवाण, विलास गौड़, सुशील कुमार, राजेश चमोली, मनीष काला, महेंद्र सिंह रावत, देवेंद्र चमोली, श्याम सुंदर, राजकुमार, नानक राणा, बिजेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
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उत्तराखंड नव निर्माण सेना (उनसे) प्रदेश के लोगों के अधिकारों की लड़ाई लडे़गी। राज्य के जल, जंगल, जमीन और संसाधनों को बचाने और लूट पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में अभियान भी चलाया जाएगा।
महाराजा अग्रसेन चौक के पास स्थित एक होटल में शनिवार को हुई बैठक में उत्तराखंड नव निर्माण सेना के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकारों पर अतिक्रमण कर निर्वासित करने की साजिश की जा रही है। जिस सपने और आधार पर अलग राज्य की मांग की गई, वह आज पूरी तरह खत्म हो चुका है। राज्य गठन के बाद से ही सरकारें केवल नौकरशाहों के हाथों की कठपुतलियां बनी रहीं और खुलेआम राज्य के संसाधनों की लूट हुई। रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। प्रदेश में 70 फीसदी स्थानीय लोगों को रोजगार देने की अनिवार्यता का पालन नहीं हो रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग पलायन करने को मजबूर हैं। बैठक में शक्तिशैल कपरवाण, विलास गौड़, सुशील कुमार, राजेश चमोली, मनीष काला, महेंद्र सिंह रावत, देवेंद्र चमोली, श्याम सुंदर, राजकुमार, नानक राणा, बिजेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
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