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लेखन की विभिन्न विधाओं पर मंथन
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
समय साक्षी और अर्श सामाजिक संस्था की ओर से आयोजित दून लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन साहित्यकारों ने लेखन की विभिन्न विधाओं पर मंथन किया। राजपुर स्थित क्रिश्चियन रिट्रीट एंड स्टडी सेंटर में आयोजित दो दिवसीय फेस्टिवल का शनिवार को समापन हुआ। इसमें देशभर के युवा साहित्यकारों ने शिरकत की।
फेस्टिवल के दूसरे दिन देशभर के लगभग 650 साहित्यकारों ने सात सत्रों में विचार रखे। इसमें सबसे पहले भक्तिकाल हिंदी साहित्य की आधारशिला पर ब्रजेंद्र, सविता मोहन और दिनेश प्रताप सिंह ने विचार रखते हुए कहा कि भक्ति का प्रमुख स्रोत प्रेम है। प्रेम से ही लोगों के विश्वास को जीता जा सकता है। इसके बाद हरिसुमन बिष्ट, कुसुम भट्ट और रुचि शर्मा ने कहानी पाठ किया। कमल के इतर, साहित्यकार के किस्से, दलित साहित्य, कुछ बातें कुछ यादें, पर साहित्यकारों ने खुल कर चर्चा की। इस मौके पर बाल कलाकारों ने नव लेखन मंच में अपनी प्रतिभा दिखाई। बाल कलाकारों ने समाज से जुडे़ विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। साथ ही अपने लेख से स्वच्छता और देश प्रेम का संदेश दिया। वहीं, गिरदा स्मृति के निर्देशन पर ‘पत्नी का पत्र’ नाटक का मंचन कर कलाकारों ने खूब वाहवाही लूटी। इस मौके पर रेनू बिष्ट, प्रवीन कुमार, राजू मेहर, उदय गैरोला, गीता गैरोला, प्रियंका सकलानी, जयदीप सकलानी, डॉ. राखी बलूनी, रजनीश त्रिवेदी, मुकेश नौटियाल, कृष्णा खुराना, गौरी सिंह आदि मौजूद रहे।
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समय साक्षी और अर्श सामाजिक संस्था की ओर से आयोजित दून लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन साहित्यकारों ने लेखन की विभिन्न विधाओं पर मंथन किया। राजपुर स्थित क्रिश्चियन रिट्रीट एंड स्टडी सेंटर में आयोजित दो दिवसीय फेस्टिवल का शनिवार को समापन हुआ। इसमें देशभर के युवा साहित्यकारों ने शिरकत की।
फेस्टिवल के दूसरे दिन देशभर के लगभग 650 साहित्यकारों ने सात सत्रों में विचार रखे। इसमें सबसे पहले भक्तिकाल हिंदी साहित्य की आधारशिला पर ब्रजेंद्र, सविता मोहन और दिनेश प्रताप सिंह ने विचार रखते हुए कहा कि भक्ति का प्रमुख स्रोत प्रेम है। प्रेम से ही लोगों के विश्वास को जीता जा सकता है। इसके बाद हरिसुमन बिष्ट, कुसुम भट्ट और रुचि शर्मा ने कहानी पाठ किया। कमल के इतर, साहित्यकार के किस्से, दलित साहित्य, कुछ बातें कुछ यादें, पर साहित्यकारों ने खुल कर चर्चा की। इस मौके पर बाल कलाकारों ने नव लेखन मंच में अपनी प्रतिभा दिखाई। बाल कलाकारों ने समाज से जुडे़ विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। साथ ही अपने लेख से स्वच्छता और देश प्रेम का संदेश दिया। वहीं, गिरदा स्मृति के निर्देशन पर ‘पत्नी का पत्र’ नाटक का मंचन कर कलाकारों ने खूब वाहवाही लूटी। इस मौके पर रेनू बिष्ट, प्रवीन कुमार, राजू मेहर, उदय गैरोला, गीता गैरोला, प्रियंका सकलानी, जयदीप सकलानी, डॉ. राखी बलूनी, रजनीश त्रिवेदी, मुकेश नौटियाल, कृष्णा खुराना, गौरी सिंह आदि मौजूद रहे।
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