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मंत्रियों को व्यथा बताएंगे ऊर्जा कर्मी
Updated Mon, 18 Dec 2017 02:01 AM IST
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मंत्रियों को व्यथा बताएंगे ऊर्जा कर्मी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
पे-मैट्रिक्स और एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रमोशन) में बदलाव की मांग को लेकर आंदोलनरत ऊर्जा कर्मियों ने मंत्रियों से मिलकर अपनी व्यथा बताने की योजना बनाई है। ऊर्जा निगमों की यूनियनों के पदाधिकारी मंत्रियों से मुलाकात कर उनको यह बताने की कोशिश करेंगे कि उनकी मांग किस तरह से जायज है और अधिकारी उस पर अड़ंगा लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
ऊर्जा निगमों के कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने के शासनादेश में उनके पे-मैट्रिक्स और एसीपी में बदलाव कर दिया गया है। बिजली कर्मी इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनको लाभ होने की जगह नुकसान होगा। उनका तर्क है कि जब यूपी में बिजली कर्मियों के लिए अलग से पे-मैट्रिक्स और एसीपी की व्यवस्था है तो उत्तराखंड में इसे लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। उनकी इस मांग को लेकर शासन और ऊर्जा निगमों के प्रबंधन के स्तर पर कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं सका है। ऊर्जा कर्मी फिलहाल वर्क टू रूल (नियमानुसार कार्य) आंदोलन पर हैं और पांच जनवरी से हड़ताल पर जाने का एलान कर रखा है। ऊर्जा निगमों की यूनियनों के प्रवक्ता दीपक बेनीवाल ने बताया कि हम अपनी मांग को लेकर मंत्रियों से मिलेंगे और बताएंगे कि अधिकारी इस मामले में सरकार को किस तरह गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऊर्जा निगमों की यूनियनों के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मंत्रियों से मिलेगा। ताकि मंत्री उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकें।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
पे-मैट्रिक्स और एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रमोशन) में बदलाव की मांग को लेकर आंदोलनरत ऊर्जा कर्मियों ने मंत्रियों से मिलकर अपनी व्यथा बताने की योजना बनाई है। ऊर्जा निगमों की यूनियनों के पदाधिकारी मंत्रियों से मुलाकात कर उनको यह बताने की कोशिश करेंगे कि उनकी मांग किस तरह से जायज है और अधिकारी उस पर अड़ंगा लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
ऊर्जा निगमों के कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने के शासनादेश में उनके पे-मैट्रिक्स और एसीपी में बदलाव कर दिया गया है। बिजली कर्मी इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनको लाभ होने की जगह नुकसान होगा। उनका तर्क है कि जब यूपी में बिजली कर्मियों के लिए अलग से पे-मैट्रिक्स और एसीपी की व्यवस्था है तो उत्तराखंड में इसे लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। उनकी इस मांग को लेकर शासन और ऊर्जा निगमों के प्रबंधन के स्तर पर कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं सका है। ऊर्जा कर्मी फिलहाल वर्क टू रूल (नियमानुसार कार्य) आंदोलन पर हैं और पांच जनवरी से हड़ताल पर जाने का एलान कर रखा है। ऊर्जा निगमों की यूनियनों के प्रवक्ता दीपक बेनीवाल ने बताया कि हम अपनी मांग को लेकर मंत्रियों से मिलेंगे और बताएंगे कि अधिकारी इस मामले में सरकार को किस तरह गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऊर्जा निगमों की यूनियनों के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मंत्रियों से मिलेगा। ताकि मंत्री उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकें।
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