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अगलाड़ नदी में पकड़ी मछलियां
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:03 PM IST
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नैनबाग (टिहरी)। जौनपुर का प्रसिद्ध मौण मेला बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने ढोल-दमांऊ की थाप पर अगलाड़ नदी में सामूहिक रूप से मछली पकड़ी। मेले में विदेश मेहमानों के साथ ही उत्तरकाशी, देहरादून और मसूरी से भी लोग शामिल होते हैं।
बुधवार को क्षेत्र के लोग ढोल-दमाऊं और रणसिंगे के साथ बड़ी संख्या में टिमरू की छाल से बनाए गए पाउडर को लेकर मौण कोट में एकत्रित हुए। जहां लोगों ने विभिन्न गांवों से एकत्रित किया गया टिमरू का पाउडर नदी में डाला। नदी में पाउडर डालने के बाद बेहोशी की हालत में पहुंची मछलियों को पकड़ने के लिए लोगों का हुजूम खास किस्म के जाव (जाल), कुंडयाडा, फटियाडा और मछली रखने के लिए मंजियारा को साथ लेकर नदी में उतर गए। मौण मेले में जौनपुर के लालुर पट्टी, सिलवाड़, इडवालस्युं, पालिगाड़, छहजूला और दस्जूला पट्टी सहित जौनसार, उत्तरकाशी जिले के गोडर और खाटल पट्टी के लोगों के साथ ही मसूरी से विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में मेले में शामिल हुए। मछली पकड़ने के बाद लोगों ने नदी किनारे टोलियां बनाकर अपने-अपने घरों से लाए गए भरवा और तावड़ी रोटियां एक-दूसरे के साथ मिल बांटकर खाई। मेला के संयोजक प्रदीप कवि ने बताया कि यह मेला राजशाही के समय से ही मनाया जाता है।
बुधवार को क्षेत्र के लोग ढोल-दमाऊं और रणसिंगे के साथ बड़ी संख्या में टिमरू की छाल से बनाए गए पाउडर को लेकर मौण कोट में एकत्रित हुए। जहां लोगों ने विभिन्न गांवों से एकत्रित किया गया टिमरू का पाउडर नदी में डाला। नदी में पाउडर डालने के बाद बेहोशी की हालत में पहुंची मछलियों को पकड़ने के लिए लोगों का हुजूम खास किस्म के जाव (जाल), कुंडयाडा, फटियाडा और मछली रखने के लिए मंजियारा को साथ लेकर नदी में उतर गए। मौण मेले में जौनपुर के लालुर पट्टी, सिलवाड़, इडवालस्युं, पालिगाड़, छहजूला और दस्जूला पट्टी सहित जौनसार, उत्तरकाशी जिले के गोडर और खाटल पट्टी के लोगों के साथ ही मसूरी से विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में मेले में शामिल हुए। मछली पकड़ने के बाद लोगों ने नदी किनारे टोलियां बनाकर अपने-अपने घरों से लाए गए भरवा और तावड़ी रोटियां एक-दूसरे के साथ मिल बांटकर खाई। मेला के संयोजक प्रदीप कवि ने बताया कि यह मेला राजशाही के समय से ही मनाया जाता है।
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