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...तो चंडीगढ़ की नाबालिग का है नाली में फेंका गया नवजात का शव
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। चुक्खूवाला मोहल्ले की नाली से बृहस्पतिवार को लावारिस में बरामद नवजात को लेकर कई सनसनीखेज बातें सामने आ रही हैं। जांच में पता चला है कि नवजात चंडीगढ़ निवासी किसी नाबालिग का है। परिचित ने ही उसे नाली में फेंका है। बहरहाल पुलिस अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। शुक्रवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम दून महिला अस्पताल पहुंची और नवजात का हालचाल जानकर इसका डीएनए टेस्ट कराने की बात कही।
महिला अस्पताल की डॉक्टरों ने आयोग अध्यक्ष उषा नेगी को बताया कि नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं। उसका एक्सरे भी कराया गया है। उसके कान और मुंह के पास हल्की खरोंच है। संभवत: यह चोट उसे फेंकते समय लगी होगी। बच्चे का वजन सामान्य से कम है। आयोग अध्यक्ष उषा नेगी और सदस्य शारदा त्रिपाठी ने डॉक्टरों से कहा कि नवजात के इलाज में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है। फिलहाल जांच में यह बात सामने आई है कि नवजात चंडीगढ़ निवासी किसी नाबालिग का है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस को हिदायत दी गई है कि वह आसपास के सीसीटीवी फु टेज खंगालकर पता लगाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओें, आशाओं और एएनएम से भी जानकारी जुटाएं। इसके असली माता-पिता तक पहुंचने के लिए इसका डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
हरिद्वार में गंगा घाट पर मिली बच्ची की भी ली जानकारी
आयोग अध्यक्ष ने महिला अस्पताल में भर्ती एक ओर लावारिस नवजात का भी हाल जाना। यह बच्ची एक दिन पूर्व हरिद्वार में गंगा घाट पर लावारिस हालत में पाई गई है। डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। उन्होंने डॉक्टरों को हिदायत दी कि नवजात के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यदि कहीं दिक्कत आती है तो आयोग को अवगत कराएं।
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देहरादून। चुक्खूवाला मोहल्ले की नाली से बृहस्पतिवार को लावारिस में बरामद नवजात को लेकर कई सनसनीखेज बातें सामने आ रही हैं। जांच में पता चला है कि नवजात चंडीगढ़ निवासी किसी नाबालिग का है। परिचित ने ही उसे नाली में फेंका है। बहरहाल पुलिस अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। शुक्रवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम दून महिला अस्पताल पहुंची और नवजात का हालचाल जानकर इसका डीएनए टेस्ट कराने की बात कही।
महिला अस्पताल की डॉक्टरों ने आयोग अध्यक्ष उषा नेगी को बताया कि नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं। उसका एक्सरे भी कराया गया है। उसके कान और मुंह के पास हल्की खरोंच है। संभवत: यह चोट उसे फेंकते समय लगी होगी। बच्चे का वजन सामान्य से कम है। आयोग अध्यक्ष उषा नेगी और सदस्य शारदा त्रिपाठी ने डॉक्टरों से कहा कि नवजात के इलाज में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है। फिलहाल जांच में यह बात सामने आई है कि नवजात चंडीगढ़ निवासी किसी नाबालिग का है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस को हिदायत दी गई है कि वह आसपास के सीसीटीवी फु टेज खंगालकर पता लगाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओें, आशाओं और एएनएम से भी जानकारी जुटाएं। इसके असली माता-पिता तक पहुंचने के लिए इसका डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
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हरिद्वार में गंगा घाट पर मिली बच्ची की भी ली जानकारी
आयोग अध्यक्ष ने महिला अस्पताल में भर्ती एक ओर लावारिस नवजात का भी हाल जाना। यह बच्ची एक दिन पूर्व हरिद्वार में गंगा घाट पर लावारिस हालत में पाई गई है। डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। उन्होंने डॉक्टरों को हिदायत दी कि नवजात के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यदि कहीं दिक्कत आती है तो आयोग को अवगत कराएं।
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