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बांस उत्पादन को बढ़ावा देने को पांच जगहों पर खुलेंगे बंबू मार्केट
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। बांस के उत्पादन को बढ़ावा देने और रोजगार के बेहतर अवसर विकसित करने के लिए प्रदेश के पांच जगहों पर (कोटद्वार, राजाजी टाइगर रिजर्व के मुख्य गेट, मुनि की रेती, एफटीआई हल्द्वानी और हरिद्वार के चिड़ियापुर) ‘बंबूू मार्केट’ खोले जा रहे हैं। योजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी राज्य बांस एवं विकास परिषद को सौंपी गई है।
परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज चंद्रन ने बताया कि मार्केट के लिए जगह चिह्नित करने के साथ ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन बाजारों में स्थानीय कारोबारी बांस से बने उत्पादों मसलन टोकरी, फर्नीचर, रिंगाल से बनी चटाई, बास्केट आदि का कारोबार कर सकेंगे। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पांच स्थानों पर मार्केट शुरू की जा रही है। यदि अपेक्षित परिणाम सामने आए तो अन्य स्थानों पर इसे खोला जाएगा। मनोज चंद्रन ने बताया कि बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में साढ़े सात करोड़ के बजट आवंटित किया था। अब जगह जगह बांस की नर्सरी लगाई जा रही हैं। किसानों को भी बांस की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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देहरादून। बांस के उत्पादन को बढ़ावा देने और रोजगार के बेहतर अवसर विकसित करने के लिए प्रदेश के पांच जगहों पर (कोटद्वार, राजाजी टाइगर रिजर्व के मुख्य गेट, मुनि की रेती, एफटीआई हल्द्वानी और हरिद्वार के चिड़ियापुर) ‘बंबूू मार्केट’ खोले जा रहे हैं। योजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी राज्य बांस एवं विकास परिषद को सौंपी गई है।
परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज चंद्रन ने बताया कि मार्केट के लिए जगह चिह्नित करने के साथ ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन बाजारों में स्थानीय कारोबारी बांस से बने उत्पादों मसलन टोकरी, फर्नीचर, रिंगाल से बनी चटाई, बास्केट आदि का कारोबार कर सकेंगे। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पांच स्थानों पर मार्केट शुरू की जा रही है। यदि अपेक्षित परिणाम सामने आए तो अन्य स्थानों पर इसे खोला जाएगा। मनोज चंद्रन ने बताया कि बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में साढ़े सात करोड़ के बजट आवंटित किया था। अब जगह जगह बांस की नर्सरी लगाई जा रही हैं। किसानों को भी बांस की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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