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किसी ने मुफीद तो किसी ने हवा हवाई बताया आम बजट
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ब्यूूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
लोकसभा में पेश किए गए आम बजट पर विकासनगर के लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोगों ने बजट को आम जनता के लिए मुफीद बताया है, वहीं कुछ लोगों ने बजट को हवा-हवाई करार दिया है।
मध्यम वर्गीय परिवार में पेट्रोल-डीजल में सेस लगाने को लेकर रोष है। उनका कहना है कि पेट्रोल-डीजल पर एक प्रतिशत सेस लगने से उसके दाम में दो से तीन रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छूने लगेंगे। वहीं, काश्तकारों का कहना है कि सरकार ने बजट को गांव, गरीब और किसान का होने का दावा किया है, लेकिन बजट में काश्तकारों के वर्तमान को लेकर कुछ भी नहीं है। सभी भविष्य की योजनाएं शामिल की गई हैं। एजुकेशन को लेकर की गई घोषणाओं पर युवाओं ने संतोष जाहिर किया है। महिलाओं के लिए जनधन खाते में ओवरड्राफ्ट की सुविधाएं देने से महिलाएं भी खुश हैं।
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महिलाओं के जनधन खाते में पांच हजार रुपये के ओवरड्राफ्ट की सुविधा देकर गरीब महिलाओं को आकस्मिक जरूरत के समय
राहत पहुंचाने का कार्य बजट में किया गया है। - अनीता जैन, गृहिणी
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पेट्रोल और डीजल के मूल्य किसी भी अर्थव्यवस्था के आधार हैं। बेतहाशा राजस्व के आकर्षण में सरकार 5 वर्षों से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में लगातार वृद्धि कर रही है, जिस कारण महंगाई दर भी निरंतर उच्च स्तर की ओर अग्रसर है। - राजकुमार जैन, व्यापारी व सामाजिक कार्यकर्ता
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वर्तमान टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, जिससे आम आयकरदाता आश्चर्यचकित है। बजट से आम जनता को बहुत उम्मीदें थी। - मानवेन्द्र सिंह रोहिला, व्यापारी
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पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि का सीधा असर किराए-भाड़े पर पड़ेगा, जिससे खाद्य पदार्थ भी महंगे हो जाएंगे। इसके सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। - पंकज गोयल, ट्रांसपोर्टर
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केंद्रीय बजट दिशाहीन, निराशाजनक और दृष्टिहीन है। बजट में उत्तराखंड को निराशा हाथ लगी है। उत्तराखंड के लिए चिर प्रतीक्षित ग्रीन बोनस के बारे में बजट मौन है। बजट में बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिए उपाय नहीं किए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गयी है। सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को पुन: गतिमान करने के उपाय बजट में कहीं नजर नहीं आए। - संजय जैन, महामंत्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी
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लोकसभा में पेश किए गए आम बजट पर विकासनगर के लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोगों ने बजट को आम जनता के लिए मुफीद बताया है, वहीं कुछ लोगों ने बजट को हवा-हवाई करार दिया है।
मध्यम वर्गीय परिवार में पेट्रोल-डीजल में सेस लगाने को लेकर रोष है। उनका कहना है कि पेट्रोल-डीजल पर एक प्रतिशत सेस लगने से उसके दाम में दो से तीन रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छूने लगेंगे। वहीं, काश्तकारों का कहना है कि सरकार ने बजट को गांव, गरीब और किसान का होने का दावा किया है, लेकिन बजट में काश्तकारों के वर्तमान को लेकर कुछ भी नहीं है। सभी भविष्य की योजनाएं शामिल की गई हैं। एजुकेशन को लेकर की गई घोषणाओं पर युवाओं ने संतोष जाहिर किया है। महिलाओं के लिए जनधन खाते में ओवरड्राफ्ट की सुविधाएं देने से महिलाएं भी खुश हैं।
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महिलाओं के जनधन खाते में पांच हजार रुपये के ओवरड्राफ्ट की सुविधा देकर गरीब महिलाओं को आकस्मिक जरूरत के समय
राहत पहुंचाने का कार्य बजट में किया गया है। - अनीता जैन, गृहिणी
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पेट्रोल और डीजल के मूल्य किसी भी अर्थव्यवस्था के आधार हैं। बेतहाशा राजस्व के आकर्षण में सरकार 5 वर्षों से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में लगातार वृद्धि कर रही है, जिस कारण महंगाई दर भी निरंतर उच्च स्तर की ओर अग्रसर है। - राजकुमार जैन, व्यापारी व सामाजिक कार्यकर्ता
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वर्तमान टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, जिससे आम आयकरदाता आश्चर्यचकित है। बजट से आम जनता को बहुत उम्मीदें थी। - मानवेन्द्र सिंह रोहिला, व्यापारी
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पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि का सीधा असर किराए-भाड़े पर पड़ेगा, जिससे खाद्य पदार्थ भी महंगे हो जाएंगे। इसके सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। - पंकज गोयल, ट्रांसपोर्टर
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केंद्रीय बजट दिशाहीन, निराशाजनक और दृष्टिहीन है। बजट में उत्तराखंड को निराशा हाथ लगी है। उत्तराखंड के लिए चिर प्रतीक्षित ग्रीन बोनस के बारे में बजट मौन है। बजट में बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिए उपाय नहीं किए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गयी है। सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को पुन: गतिमान करने के उपाय बजट में कहीं नजर नहीं आए। - संजय जैन, महामंत्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी