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इंजीनियरिंग काउंसिलिंग पर ईडब्ल्यूएस का ‘ब्रेक’
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इंजीनियरिंग काउंसिलिंग पर ईडब्ल्यूएस का ‘ब्रेक’
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश में इंजीनियरिंग की काउंसिलिंग पर इस साल आर्थिक पिछड़ा (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण का ‘ब्रेक’ लग गया है। इस साल काउंसिलिंग करीब एक माह लेट हो चुकी है। इससे इंजीनियरिंग का सत्र भी लेट होने की आशंका है।
सूबे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक के दाखिले जेईई मेन के स्कोर के आधार पर किए जाने हैं। आमतौर पर हर साल काउंसिलिंग जून में शुरू हो जाती है लेकिन इस साल ईडब्लयूएस आरक्षण पर स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से लटक गई है। विवि की ओर से लगातार शासन से ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर जवाब मांगा जा रहा है लेकिन कोई निर्देश नहीं मिल पा रहे हैं। प्रदेश के होनहार दाखिले के इंतजार में बैठे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं उनका सत्र लेट न हो जाए। विवि की कुलसचिव प्रो. अनीता रावत का कहना है कि शासन से ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर निर्देश मांगे गए हैं लेकिन कोई जवाब अभी तक नहीं मिला है। दस प्रतिशत आरक्षण के तहत कॉलेजों में बीटेक की सीटें बढ़ाई जानी हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश में इंजीनियरिंग की काउंसिलिंग पर इस साल आर्थिक पिछड़ा (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण का ‘ब्रेक’ लग गया है। इस साल काउंसिलिंग करीब एक माह लेट हो चुकी है। इससे इंजीनियरिंग का सत्र भी लेट होने की आशंका है।
सूबे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक के दाखिले जेईई मेन के स्कोर के आधार पर किए जाने हैं। आमतौर पर हर साल काउंसिलिंग जून में शुरू हो जाती है लेकिन इस साल ईडब्लयूएस आरक्षण पर स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से लटक गई है। विवि की ओर से लगातार शासन से ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर जवाब मांगा जा रहा है लेकिन कोई निर्देश नहीं मिल पा रहे हैं। प्रदेश के होनहार दाखिले के इंतजार में बैठे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं उनका सत्र लेट न हो जाए। विवि की कुलसचिव प्रो. अनीता रावत का कहना है कि शासन से ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर निर्देश मांगे गए हैं लेकिन कोई जवाब अभी तक नहीं मिला है। दस प्रतिशत आरक्षण के तहत कॉलेजों में बीटेक की सीटें बढ़ाई जानी हैं।
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