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धरोहर संरक्षण और प्रबंधन भी पढ़ाएगा वन्यजीव संस्थान
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
भारतीय वन्यजीव संस्थान अब वन्यजीवों की सुरक्षा व वैज्ञानिक अध्ययन के साथ ही सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और प्रबंधन की भी पढ़ाई कराएगा। इसके लिए संस्थान ने सौराष्ट्र विवि की मदद से हेरिटेज कंजर्वेशन एवं मैनेजमेंट कोर्स शुरू किया है। इस बाबत सोमवार को पहले बैच में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में वन्यजीव विज्ञान कोर्स के 17वें बैच के छात्र भी शामिल हुए।
इस अवसर पर सौराष्ट्र विवि के कुलपति डॉ. नितिन पैथानी ने कहा कि विवि गवर्निंग बाड़ी की बैठक में कोर्स चलाने की अनुमति मिल गई है। छात्र भारतीय वन्यजीव संस्थान में पढ़ाई कर सकेंगे, लेकिन डिग्री सौराष्ट्र विवि देगा। इस कोर्स में छात्र वन्यजीवों की सुरक्षा व उससे जुड़े वैज्ञानिक अध्ययन के साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व प्रबंधन के गुर सीखे सकेंगे।
भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक डॉ. वीबी माथुर ने कहा कि यूनेस्को सेंटर की मदद से संस्थान में ‘हेरिटेज कंजर्वेशन एवं मैनेजमेंट कोर्स’ शुरू किया जा रहा है। यूनेस्को सेंटर की मदद से अब तक भारत समेत दुनिया के 50 से अधिक देशों के छात्र छात्राओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है जो अपने अपने देशों में हेरिटेज कंजर्वेशन को लेकर काम कर रहे हैं। सौराष्ट्र विवि की मदद से वन्यजीव विज्ञान में दो साल का डिग्री कोर्स पहले ही संचालित किया जा रहा है। सेमिनार में डॉ. जेएस रावत, डॉ. मालविका उनियाल, डॉ. सम्राट मंडल, डॉ. जीसी निमानी, डॉ. रवींद्र सिंह समेत संस्थान के तमाम वैज्ञानिक, शोधार्थी व छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।
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भारतीय वन्यजीव संस्थान अब वन्यजीवों की सुरक्षा व वैज्ञानिक अध्ययन के साथ ही सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और प्रबंधन की भी पढ़ाई कराएगा। इसके लिए संस्थान ने सौराष्ट्र विवि की मदद से हेरिटेज कंजर्वेशन एवं मैनेजमेंट कोर्स शुरू किया है। इस बाबत सोमवार को पहले बैच में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में वन्यजीव विज्ञान कोर्स के 17वें बैच के छात्र भी शामिल हुए।
इस अवसर पर सौराष्ट्र विवि के कुलपति डॉ. नितिन पैथानी ने कहा कि विवि गवर्निंग बाड़ी की बैठक में कोर्स चलाने की अनुमति मिल गई है। छात्र भारतीय वन्यजीव संस्थान में पढ़ाई कर सकेंगे, लेकिन डिग्री सौराष्ट्र विवि देगा। इस कोर्स में छात्र वन्यजीवों की सुरक्षा व उससे जुड़े वैज्ञानिक अध्ययन के साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व प्रबंधन के गुर सीखे सकेंगे।
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भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक डॉ. वीबी माथुर ने कहा कि यूनेस्को सेंटर की मदद से संस्थान में ‘हेरिटेज कंजर्वेशन एवं मैनेजमेंट कोर्स’ शुरू किया जा रहा है। यूनेस्को सेंटर की मदद से अब तक भारत समेत दुनिया के 50 से अधिक देशों के छात्र छात्राओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है जो अपने अपने देशों में हेरिटेज कंजर्वेशन को लेकर काम कर रहे हैं। सौराष्ट्र विवि की मदद से वन्यजीव विज्ञान में दो साल का डिग्री कोर्स पहले ही संचालित किया जा रहा है। सेमिनार में डॉ. जेएस रावत, डॉ. मालविका उनियाल, डॉ. सम्राट मंडल, डॉ. जीसी निमानी, डॉ. रवींद्र सिंह समेत संस्थान के तमाम वैज्ञानिक, शोधार्थी व छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।
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