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गोपनीय तरीके से जंगलों में छापे मारें
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गोपनीय तरीके से जंगलों में छापे मारें
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य के जंगलों में अवैध कटान, वन विभाग की जमीन पर आए दिन होने वाले अतिक्रमण और वन क्षेत्रों से अवैध खनन को लेकर वन निदेशालय ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रमुख वन संरक्षक जयराज की ओर से सभी मुख्य वन्यजीव प्रतिपालकों के साथ ही मुख्य वन संरक्षकों को आदेश जारी किया गया है कि गोपनीय तरीके से माह में कम से कम दो बार जंगलों में छापे की कार्रवाई की जाए।
उनका कहना है कि मुख्य वन संरक्षकों की अगुवाई में होने वाली कार्रवाई को गोपनीय रखा जाए। जंगलों से आए दिन अवैध कटान, शिकार और अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। प्रमुख वन संरक्षक जयराज का कहना है कि यदि कार्य में शिथिलता बरती गई तो संबंधित अफसरों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो विभाग की 9506 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण है। जिसे हटाने को लेकर वन विभाग की ओर से कई बार अभियान चलाया गया लेकिन अब तक महज 93 हेक्टेयर जमीन को ही खाली कराया जा सकता है। इसके अलावा एक दशक में अवैध कटान के 12662 मामले सामने आए हैं। बेखौफ तस्करों ने वन क्षेत्रों से 14119.24 घन मीटर लकड़ी काट डाली। प्रमुख वन संरक्षक जयराज का कहना है कि वन क्षेत्रों से अवैध कटान, अवैध खनन और वन्यजीवों के शिकार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य के जंगलों में अवैध कटान, वन विभाग की जमीन पर आए दिन होने वाले अतिक्रमण और वन क्षेत्रों से अवैध खनन को लेकर वन निदेशालय ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रमुख वन संरक्षक जयराज की ओर से सभी मुख्य वन्यजीव प्रतिपालकों के साथ ही मुख्य वन संरक्षकों को आदेश जारी किया गया है कि गोपनीय तरीके से माह में कम से कम दो बार जंगलों में छापे की कार्रवाई की जाए।
उनका कहना है कि मुख्य वन संरक्षकों की अगुवाई में होने वाली कार्रवाई को गोपनीय रखा जाए। जंगलों से आए दिन अवैध कटान, शिकार और अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। प्रमुख वन संरक्षक जयराज का कहना है कि यदि कार्य में शिथिलता बरती गई तो संबंधित अफसरों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो विभाग की 9506 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण है। जिसे हटाने को लेकर वन विभाग की ओर से कई बार अभियान चलाया गया लेकिन अब तक महज 93 हेक्टेयर जमीन को ही खाली कराया जा सकता है। इसके अलावा एक दशक में अवैध कटान के 12662 मामले सामने आए हैं। बेखौफ तस्करों ने वन क्षेत्रों से 14119.24 घन मीटर लकड़ी काट डाली। प्रमुख वन संरक्षक जयराज का कहना है कि वन क्षेत्रों से अवैध कटान, अवैध खनन और वन्यजीवों के शिकार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
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