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डाबरा गांव में 12 साल बाद मनाया जागड़ा पर्व
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
नागथात। कालसी तहसील क्षेत्र के डाबरा गांव में 12 साल बाद जागड़ा पर्व मनाया गया। बृहस्पतिवार को शिलगुर और बिजट महाराज के जागड़ा पर्व में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा पड़ा। सुबह पूजा अर्चना के बाद 11 बजे देव पालकियों को दर्शन के लिए मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाला गया।
गांव के प्रधान रविंद्र सिंह नेगी ने बताया कि 24 जून को शाही स्नान के लिए देवता ने हरिद्वार के लिए प्रस्थान किया था, जिसके बाद 25 जून को चूड़धार एवं 26 जून को हनोल में शाही स्नान के बाद रात्रि को मूल मंदिर लौटे। देव पालकियों के गर्भ गृह से बाहर आते ही श्रद्धालुुओं ने फूल, चावल और अखरोट चढ़ाए। इसके बाद देव पालकियों को काली माता मंदिर में ले जाया गया, जहां से पालकियां देवता के पद चिह्नों के साथ मूल मंदिर के प्रांगण में लौटीं। प्रांगण में देव पालकियों के लौटने के बाद गांव की महिलाओं ने पूजा अर्चना कर जागड़ा पर्व की शुरुआत की। जागड़े में देव दर्शन के लिए खत बहलाड़, लखवाड़, फरटाड़, सिली, पंचगांव, शैली के साथ ही टिहरी गढ़वाल और हिमाचल प्रदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और खुशहाली की मन्नत मांगी।
इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष महेंद्र सिंह, संतराम चौहान, सूरत सिंह, जवाहर सिंह, मेहर सिंह, सीताराम चौहान, खुशी राम नेगी, वजीर हृदय सिंह, पुजारी अजीत सिंह, देव माली शमशेर सिंह, कांति राम आदि मौजूद रहे।
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नागथात। कालसी तहसील क्षेत्र के डाबरा गांव में 12 साल बाद जागड़ा पर्व मनाया गया। बृहस्पतिवार को शिलगुर और बिजट महाराज के जागड़ा पर्व में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा पड़ा। सुबह पूजा अर्चना के बाद 11 बजे देव पालकियों को दर्शन के लिए मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाला गया।
गांव के प्रधान रविंद्र सिंह नेगी ने बताया कि 24 जून को शाही स्नान के लिए देवता ने हरिद्वार के लिए प्रस्थान किया था, जिसके बाद 25 जून को चूड़धार एवं 26 जून को हनोल में शाही स्नान के बाद रात्रि को मूल मंदिर लौटे। देव पालकियों के गर्भ गृह से बाहर आते ही श्रद्धालुुओं ने फूल, चावल और अखरोट चढ़ाए। इसके बाद देव पालकियों को काली माता मंदिर में ले जाया गया, जहां से पालकियां देवता के पद चिह्नों के साथ मूल मंदिर के प्रांगण में लौटीं। प्रांगण में देव पालकियों के लौटने के बाद गांव की महिलाओं ने पूजा अर्चना कर जागड़ा पर्व की शुरुआत की। जागड़े में देव दर्शन के लिए खत बहलाड़, लखवाड़, फरटाड़, सिली, पंचगांव, शैली के साथ ही टिहरी गढ़वाल और हिमाचल प्रदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और खुशहाली की मन्नत मांगी।
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इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष महेंद्र सिंह, संतराम चौहान, सूरत सिंह, जवाहर सिंह, मेहर सिंह, सीताराम चौहान, खुशी राम नेगी, वजीर हृदय सिंह, पुजारी अजीत सिंह, देव माली शमशेर सिंह, कांति राम आदि मौजूद रहे।
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