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लोगों को कराया गढ़वाली संस्कृति से रूबरू
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
लाखामंडल में मंगलवार को दो दिवसीय पर्वतीय बिस्सू महोत्सव की शुरुआत हुई। महोत्सव का पहला दिन जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण के नाम रहा। उन्होंने गीतों, जागरों और पंवाड़ों की प्रस्तुति से जौनसार बावर के लोगों को गढ़वाली संस्कृति से रूबरू कराया।
भरतवाण ने पांडवों के जागर पंडो खेला पांसो... से कार्यक्रम की शुरुआत की। इस जागर में पांडवों के द्यूत क्रीड़ा में हारने का वर्णन है, जिसके बाद पांडवों को वनवास और अज्ञातवास काटना पड़ा था। महोत्सव में युवाओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रीतम भरतवाण ने अपनी सरुली मेरू जिया लगीगे, तेरी रौंत्यालि मुखड़ी मां.. गीत गाया। इसके बाद उन्होंने तौंसा बो ऐसु का चौमासा, तौंसा बो डांड्यू जाली डेरी.., मोहना तेरी मुरली बाजे, गाजो बाजों का संग.., के साथ ही इन दिनों धान की रोपाई के दौरान गाए जाने वाले गीत जागी रे भोल सुबेर पाणी मां साटी रोपण जाली... की प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने देवी जागर और ग्यानमाला, तीलू रौतेंली, मोलू भरदारी के पांवडे गाए।
महोत्सव में अज्जू तोमर, अतर शाह, अरविंद राणा, लक्की उनियाल, मंजू सुद्रियाल ने भी प्रस्तुति दी। इस दौरान गीताराम गौड़, सुशील गौड़, टीकाराम बहुगुणा, मुकेश पंवार, राजाराम भट्ट, अनिल गौड़, किशनलाल आदि मौजूद रहे।
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लाखामंडल में मंगलवार को दो दिवसीय पर्वतीय बिस्सू महोत्सव की शुरुआत हुई। महोत्सव का पहला दिन जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण के नाम रहा। उन्होंने गीतों, जागरों और पंवाड़ों की प्रस्तुति से जौनसार बावर के लोगों को गढ़वाली संस्कृति से रूबरू कराया।
भरतवाण ने पांडवों के जागर पंडो खेला पांसो... से कार्यक्रम की शुरुआत की। इस जागर में पांडवों के द्यूत क्रीड़ा में हारने का वर्णन है, जिसके बाद पांडवों को वनवास और अज्ञातवास काटना पड़ा था। महोत्सव में युवाओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रीतम भरतवाण ने अपनी सरुली मेरू जिया लगीगे, तेरी रौंत्यालि मुखड़ी मां.. गीत गाया। इसके बाद उन्होंने तौंसा बो ऐसु का चौमासा, तौंसा बो डांड्यू जाली डेरी.., मोहना तेरी मुरली बाजे, गाजो बाजों का संग.., के साथ ही इन दिनों धान की रोपाई के दौरान गाए जाने वाले गीत जागी रे भोल सुबेर पाणी मां साटी रोपण जाली... की प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने देवी जागर और ग्यानमाला, तीलू रौतेंली, मोलू भरदारी के पांवडे गाए।
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महोत्सव में अज्जू तोमर, अतर शाह, अरविंद राणा, लक्की उनियाल, मंजू सुद्रियाल ने भी प्रस्तुति दी। इस दौरान गीताराम गौड़, सुशील गौड़, टीकाराम बहुगुणा, मुकेश पंवार, राजाराम भट्ट, अनिल गौड़, किशनलाल आदि मौजूद रहे।
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