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आज भी परेशानियों से जूझ रहे दिव्यांग : राऊत
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआइईपीवीडी) में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही दिव्यांगजनों की समस्याओं पर मंथन किया गया।
राजपुर रोड स्थित एनआइईपीवीडी संस्थान में कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक नचिकेता राऊत ने की। इस दौरान एनआइईपीवीडी के कई छात्रों ने अपने विचार रखे। लॉ कॉलेज की छात्रा अखिला सावन ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 मात्र 16 प्रदेशों में लागू किया गया है। बाकि प्रदेशों में लागू नहीं हो पाने के कारण वहां दिव्यांगजनों को मिलने वाले समान अधिकारों में काफी कमी आ रही है। एनआइईपीवीडी संस्थान के निदेशक नचिकेता राऊत ने कहा कि अधिनियम लागू होने के बाद भी आम नागरिक को संवेदनशील होने की जरूरत है। आज भी दिव्यांगजनों को सार्वजनिक स्थानों बस अड्डा, रेलवे स्टेशन आदि पर परेशानियों से जूझना पड़ता है। इस दौरान कमलवीर सिंह, आरपी सिंह, डॉ. एसआर मित्तल, जगदीश लखेड़ा आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआइईपीवीडी) में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही दिव्यांगजनों की समस्याओं पर मंथन किया गया।
राजपुर रोड स्थित एनआइईपीवीडी संस्थान में कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक नचिकेता राऊत ने की। इस दौरान एनआइईपीवीडी के कई छात्रों ने अपने विचार रखे। लॉ कॉलेज की छात्रा अखिला सावन ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 मात्र 16 प्रदेशों में लागू किया गया है। बाकि प्रदेशों में लागू नहीं हो पाने के कारण वहां दिव्यांगजनों को मिलने वाले समान अधिकारों में काफी कमी आ रही है। एनआइईपीवीडी संस्थान के निदेशक नचिकेता राऊत ने कहा कि अधिनियम लागू होने के बाद भी आम नागरिक को संवेदनशील होने की जरूरत है। आज भी दिव्यांगजनों को सार्वजनिक स्थानों बस अड्डा, रेलवे स्टेशन आदि पर परेशानियों से जूझना पड़ता है। इस दौरान कमलवीर सिंह, आरपी सिंह, डॉ. एसआर मित्तल, जगदीश लखेड़ा आदि मौजूद रहे।
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