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आपरेशन मुक्ति : 42 बच्चों के परिवारों के सामने खाने के लाले
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आपरेशन मुक्ति : 42 बच्चों के परिवारों के सामने खाने के लाले
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पुलिस की ओर से बच्चोें को भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाने के लिए ‘आपरेशन मुक्ति’ के तहत मुक्त कराए गए 42 बच्चों को लेकर संकट खड़ा हो गया है। पुलिस का कहना है कि इन बच्चों के परिवारों की माली हालत इतनी खराब है कि यदि वे भिक्षावृत्ति नहीं करें तो उनके सामने खाने के लाले पड़ जाएंगे। इस संबंध में पुलिस की ओर से रिपोर्ट बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भेजकर इन बच्चों की आर्थिक मदद करने की अपील की गई है। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने राजस्व, चाइल्ड लाइन व बाल संरक्षण अधिकारी की तीन सदस्यीय समिति गठित कर बच्चों की आर्थिक स्थिति का भौतिक सत्यापन कराने का आदेश दिया है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि यदि बच्चों की पारिवारिक माली हालत वाकई में बहुुत खराब है तो उन्हें समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत प्रतिमाह दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
पुलिस की ओर से बच्चों को भिक्षावृत्ति से निजात दिलाने के लिए ‘आपरेशन मुक्ति’ चलाया जा रहा है। आपरेशन के तहत पुलिस ने 292 बच्चों को चिन्हित किया। जिसमें से 67 बच्चों को स्कूल में दाखिला करा दिया गया है। जबकि 42 बच्चों को लेकर रिपोर्ट बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भेज दी है। जिस पर आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि यदि बच्चों की पारिवारिक माली हालत वाकई बहुत खराब है तो इन बच्चों को हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पुलिस की ओर से बच्चोें को भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाने के लिए ‘आपरेशन मुक्ति’ के तहत मुक्त कराए गए 42 बच्चों को लेकर संकट खड़ा हो गया है। पुलिस का कहना है कि इन बच्चों के परिवारों की माली हालत इतनी खराब है कि यदि वे भिक्षावृत्ति नहीं करें तो उनके सामने खाने के लाले पड़ जाएंगे। इस संबंध में पुलिस की ओर से रिपोर्ट बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भेजकर इन बच्चों की आर्थिक मदद करने की अपील की गई है। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने राजस्व, चाइल्ड लाइन व बाल संरक्षण अधिकारी की तीन सदस्यीय समिति गठित कर बच्चों की आर्थिक स्थिति का भौतिक सत्यापन कराने का आदेश दिया है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि यदि बच्चों की पारिवारिक माली हालत वाकई में बहुुत खराब है तो उन्हें समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत प्रतिमाह दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
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पुलिस की ओर से बच्चों को भिक्षावृत्ति से निजात दिलाने के लिए ‘आपरेशन मुक्ति’ चलाया जा रहा है। आपरेशन के तहत पुलिस ने 292 बच्चों को चिन्हित किया। जिसमें से 67 बच्चों को स्कूल में दाखिला करा दिया गया है। जबकि 42 बच्चों को लेकर रिपोर्ट बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भेज दी है। जिस पर आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि यदि बच्चों की पारिवारिक माली हालत वाकई बहुत खराब है तो इन बच्चों को हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी।
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