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ऊर्जा निगमकर्मियों को मकान भता देने की तैयारी
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ऊर्जा निगमकर्मियों को मकान भत्ता देने की तैयारी
ब्यूरोे/अमर उजाला
देहरादून। ऊर्जा निगमों में कार्यरत कर्मचारियोें को छठे वेतन आयोग की भांति एसीपी का लाभ नौ, 14 व 19 साल की सेवा उपरांत देने के साथ ही राज्य कर्मचारियों की भांति मकान किराया भत्ता देने की तैयारी है। इस संबंध में उत्तराखंड विद्युत कर्मचारी अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा पदाधिकारियों की शनिवार को ऊर्जा निगमों के प्रबंध निदेशकों के साथ वार्ता हुई। वार्ता के दौरान प्रबंध निदेशकों ने आश्वासन दिया कि संगठन की मांगों को 19 जून से होने वाली बोर्ड बैठक के एजेंडे मेें शामिल किया गया है। बोर्ड बैठक में प्रस्तावों पर मुहर लगने के साथ ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड विद्युत कर्मचारी अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा पदाधिकारियों ने वार्ता के दौरान यात्रा भत्ते का पुनरीक्षण किए जाने, लेेखा संवर्ग के कर्मचारियों को कोषागार के लेखा संवर्ग के कर्मचारियोें के समान वेतन दिए जाने, कर्मचारियों से बिजली की दरों के रूप में कटने वाली धनराशि का पुनरीक्षण करने से पहले कार्मिकों का भी पक्ष सुनने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
वार्ता के दौरान मोर्चे के पदाधिकारियों ने तीनों निगमों के प्रबंधकों निदेशकों से अनुरोध किया कि निगमों में कार्यरत उपनल कर्मचारियों को तत्काल नियमित किया जाए। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। वार्ता के दौरान मोर्चा के संयोजक इंसारूल हक, केहर सिंह, राकेश शर्मा, चित्र सिंह, दीपक बेनीवाल, प्रदीप कंसल, विनोद कवि, सुनील मोगा, एमएन नौटियाल, भानु जोशी, अरविंद बहुगुणा, अनिल नौटियाल समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
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ब्यूरोे/अमर उजाला
देहरादून। ऊर्जा निगमों में कार्यरत कर्मचारियोें को छठे वेतन आयोग की भांति एसीपी का लाभ नौ, 14 व 19 साल की सेवा उपरांत देने के साथ ही राज्य कर्मचारियों की भांति मकान किराया भत्ता देने की तैयारी है। इस संबंध में उत्तराखंड विद्युत कर्मचारी अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा पदाधिकारियों की शनिवार को ऊर्जा निगमों के प्रबंध निदेशकों के साथ वार्ता हुई। वार्ता के दौरान प्रबंध निदेशकों ने आश्वासन दिया कि संगठन की मांगों को 19 जून से होने वाली बोर्ड बैठक के एजेंडे मेें शामिल किया गया है। बोर्ड बैठक में प्रस्तावों पर मुहर लगने के साथ ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड विद्युत कर्मचारी अधिकारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा पदाधिकारियों ने वार्ता के दौरान यात्रा भत्ते का पुनरीक्षण किए जाने, लेेखा संवर्ग के कर्मचारियों को कोषागार के लेखा संवर्ग के कर्मचारियोें के समान वेतन दिए जाने, कर्मचारियों से बिजली की दरों के रूप में कटने वाली धनराशि का पुनरीक्षण करने से पहले कार्मिकों का भी पक्ष सुनने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
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वार्ता के दौरान मोर्चे के पदाधिकारियों ने तीनों निगमों के प्रबंधकों निदेशकों से अनुरोध किया कि निगमों में कार्यरत उपनल कर्मचारियों को तत्काल नियमित किया जाए। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। वार्ता के दौरान मोर्चा के संयोजक इंसारूल हक, केहर सिंह, राकेश शर्मा, चित्र सिंह, दीपक बेनीवाल, प्रदीप कंसल, विनोद कवि, सुनील मोगा, एमएन नौटियाल, भानु जोशी, अरविंद बहुगुणा, अनिल नौटियाल समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
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