फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   बस्ती बचाने के लिए डीएम से लगाई गुहार

बस्ती बचाने के लिए डीएम से लगाई गुहार

Sat, 15 Jun 2019 01:52 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2019 01:52 AM IST
विज्ञापन
बस्ती बचाने के लिए डीएम से लगाई गुहार
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
विज्ञापन

प्रशासन की ओर से शक्तिनहर से लगी नवाबगढ़ बस्ती को अवैध करार देते हुए उसे खाली कराने का फरमान जारी करने के बाद बस्ती के लोगों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन पर जबरन बस्ती खाली कराने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को डीएम को भेजे ज्ञापन में लोगों ने बताया कि शक्तिनहर किनारे पुरखों की जमीन पर लगभग 50 वर्षों से बसी बस्ती में दो सौ परिवार निवास करते हैं। अब सिंचाई विभाग इस जमीन पर अपना हक जता रहा है, जबकि उनकी लगभग 40 बीघा जमीन सिंचाई विभाग के कब्जे में है। बताया कि बस्ती के लोगों को इसी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की सुविधा भी मिली है। साथ ही सरकारी योजना से इस बस्ती में शौचालय का निर्माण भी कराया गया है। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति के पास अपनी जमीन होना जरूरी है। इससे जाहिर है कि बस्ती पुश्तैनी जमीन पर ही बसी हुई है।
विज्ञापन

बस्ती के निवासियों ने सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन पर जबरन बस्ती उजाड़ने का आरोप लगाते हुए डीएम से उचित कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर रमेश, जहांगीर, अरशद, रामस्वरूप, शबाना बेगम, इरफान, विमला, जब्बार, सत्तार, मनकुमारी, ममता आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने कहा कि अभी अवैध कब्जों को चिह्नित करने की कार्रवाई की जा रही है। चिह्नीकरण के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed